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भारत के इस गांव में हर कोई है करोड़पति..

चौपाल गांव…दोस्तों की आपको मालूम है कि हमारे भारत का सबसे अमीर गांव कौन सा है? खैर अगर आपको नहीं मालूम तो आज किस आर्टिकल में मैं आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहा हूं जहां घोड़े गाड़ी के अलावा मर्सिडीज बीएमडब्ल्यू जैसे गाडियां घूमती है। जी हां दोस्तों एक ऐसा गांव जहां झोपड़पट्टी के अलावा आलीशान भवन है और गरीब लोगों के अलावा करोड़पति मौजूद है। दोस्तों दरअसल हम बात कर रहे हैं शिमला में बसे गांव चौपाल की। इस गांव की जनसंख्या 7000 लोगों के करीब है। यहां तक बता दे किस गांव के लोग भी खेती पर ही निर्भर है। दोस्तों खेती में इस गांव में एक ऐसा प्रोडक्ट उत्पन्न होता है जहां हर देश के कोने में जरूरत होती है और वह प्रोडक्ट है सेब।

दोस्तों आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गांव के लोग सेब की खेती पर ही निर्भर है। साथ ही दोस्तों इस गांव के डेवलपमेंट का यही कारण है कि इस गांव के लोग शिक्षित भी हैं। और शिक्षित होने का यही फायदा है कि उस देश के लोग इंटरनेट से पता लगा पाते हैं कि किस देश में सेब की कितनी कीमत है। और इसी वजह से जहां पर ज्यादा सिर की जरूरत होती है वहां एक्सपोर्ट करने शुरू कर देते हैं और यही कारण है कि यहां के लोग आज करोड़पति है।

दोस्तों अगर आप कभी इस गांव में जाते हैं तो आपको ऐसा लगेगा ही नहीं की आप भारत के किस गांव में आए हैं।

धरमराज गुजरात…. दोस्तों अब हम आपको एक ऐसे काम के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे हिंदुस्तान का सबसे अमीर गांव के नाम से जाना जाता है। और इस गांव के अमीर होने की वजह है कि इस गांव में रहने वाले लोगों में से आधे से ज्यादा लोग विदेश में रहकर काम करते हैं। और इसी वजह से इस गांव को एन आर आई विलेज के नाम से जाना जाता है जिसका मतलब होता है non-residential indian. मतलब यहां के लोग तो भारत में पैदा हुए हैं लेकिन इनका रेजिडेंशियल भारत का नहीं है।

दोस्तों आपको बता दिया कहां हो गुजरात के आनंद जिले में स्थित है। दोस्तों आपको बता दे कि यह नाम का गांव है लेकिन इस गांव में बड़ी-बड़ी ईमारते स्टूडेंट कई तरह के शोरूम और यहां तक बीएमडब्ल्यू भी मौजूद है। इसी के साथ दोस्तों इस गांव की एक खास बात भी है क्या कि लोग बड़े-बड़े विदेश में तो रहते हैं लेकिन वह अपने कमाए के आधे हिस्से को अपने गांव के डेवलपमेंट में यूज करते हैं।

बोमजा अरुणाचल प्रदेश…. दोस्तों को कैसे गांव के बारे में बताए जा रहे हैं वहां के लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी। लेकिन यहां पर कुछ ऐसी घटना हो गई जिसके वजह से आज इसे भारत का करोड़पति गांव कहा जाता है।

आपको बता दें कि हमारे भारतीय सेना को बोम्जा गांव में आवाज की जरूरत पड़ गई अपने यूनिट को बनाने के लिए। भारतीय सेनाओं द्वारा उस गांव में लोगों से के द्वारा वार्तालाप किया गया कि उनके गांव में जितनी भी खाली जमीन पर ही है वह भारतीय सेना को देने का कष्ट करें। दोस्तों वहां के लोग भारतीय सेनाओं के लिए जमीन देने के लिए तैयार हो गए. और फिर सेना द्वारा भी करीब 30 परिवारों को ₹40 करोड़ दिए गए और उस गांव की मैपिंग ही बदल गई।

हुयरे बाजार महाराष्ट्र… दोस्तों इस गांव में मुखिया द्वारा गांव का नक्शा ही बदल दिया गया. बात दरअसल यह थी कि उस गांव के मुखिया द्वारा गांव वालों को यह कहा गया कि अगर उस गांव में एक मच्छर देखा गया तो एक मच्छर के बदले लोगों को ₹100 दिए जाएंगे और गांव वाले भी इसे जमकर फायदा उठाया और कई लोग करोड़पति तक बन गए।

दोस्तों इस गांव के मुखिया का नाम है पोपटलाल पवार। जो इस गांव के मुखिया बन इस गांव की मैपिंग भी चेंज कर दी यहां तक कि इस गांव में नशा करना भी बंद कर दिया गया और इस गांव को एक करोड़पति गांव बना दिया।