खबरे

तीसरी बेटी के जन्म के बाद, जो इस परिवार ने किया वह कोई नहीं कर सकता

अब वो वक़्त खतम हो गया जब लोग बेटियों के जन्म होने पर खुस नहीं होते थे और बेटियों को बोझ मानते थे, आज के समय में बेटियां सभी क्षेत्र में कंधे से कन्धा मिलकर चल रही हैं. अब अगर घर में बेटी जन्म लेती हैं तो लोग उसे लक्ष्मी और देवी का स्वरूप मानते हैं. आज के समाज में बेटियों को बराबर का दर्जा मिल चूका हैं. हर क्षेत्र में बेटियां अपना परचम लहरा रही हैं.

ऐसा ही एक वाकया सामने आया हैं जहा. घर में तीसरी बेटी होने के बाद परिवार में खुशियों का माहोल बन गया हैं. इनलोगों द्वारा ऐसा माना जाता हैं की २ बेटियों के बाद अगर तीसरी बेटी घर में जन्म लेती हैं तो वो देवी और लक्ष्मी के सामान हिती हैं.

लक्ष्मी और देवी शक्ति जैसे समाज में अब समान मानी जाने वाली बेटियों के प्रति पुराने मानदण्डों और मानसिकता में बड़ा बदलाव आया है। अधिकांश शिक्षित और समझदार परिवार के सदस्य बेटी के जन्म को बेटे की तरह खुशी से मनाते हैं। इतना ही नहीं वह अपने बेटे की तरह ही अपनी बेटी का पालन-पोषण और पालन-पोषण भी करते हैं। 

यह बदलाव समाज के लिए एक नई उम्मीद और एक क्रांतिकारी पहल के सामने भी आया है। मोरबी में एक प्रजापति परिवार के घर में दो बेटियों के ऊपर तीसरी बेटी का जन्म एक बेटे के बजाय भगवान का आशीर्वाद माना जाता है और तीसरी बेटी के जन्म में भी वृद्धि हुई है।

लक्ष्मी और देवी शक्ति जैसे समाज में अब समान मानी जाने वाली बेटियों के प्रति पुराने मानदण्डों और मानसिकता में बड़ा बदलाव आया है। अधिकांश शिक्षित और समझदार परिवार के सदस्य बेटी के जन्म को बेटे की तरह खुशी से मनाते हैं। 

इतना ही नहीं वह अपने बेटे की तरह ही अपनी बेटी का पालन-पोषण और पालन-पोषण भी करते हैं। यह बदलाव समाज के लिए एक नई उम्मीद और एक क्रांतिकारी पहल के सामने भी आया है। 

मोरबी में एक प्रजापति परिवार के घर में दो बेटियों के ऊपर तीसरी बेटी का जन्म एक बेटे के बजाय भगवान का आशीर्वाद माना जाता है और तीसरी बेटी के जन्म में भी वृद्धि हुई है।