Home जोक्स मजेदार जोक्स : टमाटर और प्याज की दोस्ती..

मजेदार जोक्स : टमाटर और प्याज की दोस्ती..

Jokes No.1 : सड़क पर दो अंधे लोग आपस में ल’ड़ रहे थे तभी लूलू शरा’बी भी वह से गुजर रहा था लिकिन दोनों के बीच में ल-ड़ाई खत्म नहीं हो रही थी लूलू शरा’बी जोर से बोला ये ल’ड़ाई तो आज बं’दूक वाला ही जीतेगा यह सुनकर दोनों अंधे लोग वहां से भाग गए

45 दिन ड्राई क्या हुए कि दो दोस्तों ने कसम खाई कि अब कभी श’राब नही पियेंगे!! इधर कसम खाई उधर श’राब बिकनी शुरू … !!! अब दोनों असमंजस में, करें तो क्या करें? एक ने सलाह दी कि पीने की कसम खाई है मॉडल शॉप पर जाने की तो नही, आखिर दोनों गए, टेबल ढूंढ कर बैठ गए, अब लत और जोर मार’ने लगी तो दूसरा बोला कि भाई पीने की कसम खाई है मंगाने की तो नही, आखिर बोतल मंगाई गई, ग्लास, नमकीन बंदा खुद दे गया!! लेकिन कसम के कारण आगे नही बढ़े, फिर एक बोला कि भाई पीने की कसम खाई है जाम बनाने की तो नही,, लॉजिक जंच गई श’राब डाली गई दो पटियाला पैग बनाये गए, अब दोनों मायूस, कसम के हाथों मजबूर, जाम को देखते बैठे रहे!! समय बीतता रहा बीतता रहा, नशा बड़े बड़ों को गुलाम बना लेता है पर ये दोनों पक्के थे! कसम ली तो तोड़ नही सकते थे चाहे कुछ हो जाए!! फिर पता नही क्या हुआ कि दोनों एक साथ बोले कि भाई पीने की कसम खाई है पिलाने की तो नही यह कह कर दोनों ने जाम उठाये और एक दूसरे को पिला दिए … अब आप लोग बताएं कि कसम टूटी या नही …?

Jokes No.2 : शरा’ब व्यक्ति के आत्मविस्वास को कई गुणा बढ़ा देती है। दो घूंट अन्दर जाते ही चूहे की तरह डरने वाला डरपोक से डरपोक व्यक्ति भी शेर की तरह गुर्राने लगता है। श;राब पीने के बाद कई पतियों को अपनी पत्नी के आगे गुर्रारते हुए देखा गया है।

Jokes No.3 : श’राब व्यक्ति को प्रकृति के करीब लाता है। दो घूंट अन्दर जाते ही शरा’बियो का प्रकृति प्रेम उभर कर सामने आ जाता है कई शरा’बी शरा’ब का आनंद लेने के बाद ज़मीन, कीचड़, नाली आदि प्राकृतिक जगहों पर विश्राम करते पाए जाते है।

Jokes No.4 : श’राब व्यक्ति की भाषाई भिन्नता को कम कर देता है जो लोग अंग्रेजी बोलना तो चाहते है लेकिन नहीं बोल पाते, अंग्रेजी बोलने में हिचकिचाहट महसूस करते है दो घूंट अन्दर जाते ही ऐसी धरा प्रवाह अंग्रेजी बोलने लगते है कि बड़े से बड़ा अंग्रेज़ भी शरमा जाये ऐसे कई लोगो से आपका पाला पड़ा होगा।

Jokes No.5 : शरा’ब व्यक्ति को दिलदार बनाती है। कंजूस से कंजूस व्यक्ति भी दो घूंट अन्दर जाते ही किसी सल्तनत के बादशाह की तरह व्यवहार करने लगता है। ऐसे लोगो के जेब में भले फूटी कौड़ी न हो लेकिन ये लोग ज़माने को खरीदने में पीछे नहीं हटते है।