Home रोचक तथ्य आखिर शव को अकेला क्यों नहीं छोड़ा जाता !

आखिर शव को अकेला क्यों नहीं छोड़ा जाता !

दोस्तो क्या आपको पता है कि मृत्यु के बाद दाह संस्कार रात में क्यों नहीं किया जाता? या फिर क्या होगा किसी के दाह संस्कार अधूरे रह जाए? या फिर किसी की मृत्यु हो जाती है तो उसके शव को अकेला क्यों नहीं छोड़ते?

दोस्तो मृत्यु दुनिया का सबसे बड़ा सत्य कहा जाता है। यह एक ऐसा सत्य हैं जिसे दुनिया के कोई भी ताकत टाल नहीं सकती।

आज के एपिसोड में हम आपको बताएंगे कि क्यों किसी के दाह संस्कार के बाद उसके राख को भी अकेला नहीं छोड़ते। तो चलिए शुरू करते हैं:-

दोस्तो आपको बता दें कि तीन ऐसी परिस्थितियाँ होती हैं जो व्यक्ति के दाह संस्कार के लिए इंतजार किया जाता है।

  1. सबसे पहला बात कि अगर किसी व्यक्ति की मौत सूर्य अस्त के बाद होती है तो हिंदू धर्म के अनुसार अगले दिन सूर्योदय के बाद ही उसका दाह संस्कार हो सकता है।

ऐसा कहा जाता है कि अगर व्यक्ति के शव को रात में ही जला दिया जाए तो उस व्यक्ति के आत्मा को शांति नहीं मिलती। और उसका अगला जन्म राक्षस, दानव, पिचास जैसी में होती है।

  1. दूसरा यह कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु पंचक काल में हुई है तो पंचक काल में शव को नहीं जलाया जाता। जब तक पंचक काल समाप्त नहीं हो जाता तब तक शव को घर में ही रखा जाता है। हिंदू धर्म में ऐसा धर्म है कि अगर किसी को पंचक काल में दाह संस्कार कर दिया जाए तो उसी के परिवार के 5 अन्य लोगों की मृत्यु हो जाती है। पंचक काल एक ऐसा समय होता है जो साल में 12 बार आता है।
  1. तिसरा यह कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई है और उसका संतान उसके पास नहीं है तो उसके आने का इंतजार किया जाता है। कहा जाता हैं कि संतान के हाथो ही दाह संस्कार होने पर मृतक को शांति मिलती हैं।

# किन्नर के मरने पर उसका दाह संस्कार रात में किया जाता है।

अब बात हम लोग करते हैं कि किसी व्यक्ति के मृत्यु होने पर उसके शव को अकेला क्यों नहीं छोड़ा जाता?

  1. जैसे ही किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है उसके शरीर से तरह तरह के केमिकल एक्टिवेट हो जाते हैं। जिस वजह से अजीब अजीब गंघ निकली हैं। जिसके कारण मांसाहारी जीव और कीड़े मकोड़े को अपनी तरफ आकर्षित करती है।
  2. आसपास फटक रही बुरी आत्मा उसके शरीर में प्रवेश कर सकती हैं।
  1. तीसरा कारण है कि मृतक की आत्मा वही पर रहती है। साथ ही वह अपने परिजनों को रोते हुए देखता है।
  2. हर जगह कुछ कुछ ऐसे लोग मौजूद होते हैं जो तंत्र मंत्र पर विश्वास करते हैं। शव को अकेला छोड़ने पर तंत्र विद्या का प्रयोग भी कर सकते हैं।

अब बात हम लोग करते हैं कि शव के चारों तरफ अगरबत्ती या धूपबत्ती की क्यों जलाई जाती है?

इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि मृतक शरीर से कई तरह के बैक्टीरिया भी पनपने लगते हैं। और शव के ऊपर मक्खियां भी भिनभिनने लगती है। जिस वजह से हमें अगरबत्ती है धूपबत्ती जला कर रौशनी करनी चाहिए।

अब बारी है कि मृतक के राख को नदी में प्रवाहित क्यों किया जाता है?

मृत व्यक्ति के राख में एक ऐसा गुण होता है जिसे DNA टेस्ट करने पर पता चल जाता हैं।

अगर मृत व्यक्ति के राख को किसी जगह पर रख देते हैं तो आत्मा वहाँ पर मंडराने लगती हैं। इसलिए अस्थियों के राख को नदी में विशर्जीत कर देते हैं।

इसलिए हिंदू धर्म में किसी की भी मृत्यु होती है तो मृतक व्यक्ति के उसके कपड़े एवं बिछवान सभी चीज को उसके साथ ही जला दिया जाता हैं।