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पढ़ाई और मेहनत से साथ नौकरी भी की और आज आशीष दास हैं IAS ऑफिसर

दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसे इंसान से मिलवाने वाला हूँ जिन्होने अपने मेहनत के दम पर UPSC एक्जाम को क्रैक कर लिया। इनके लिए यह करना आसान नहीं था इनके सामने कई सारी मुश्किल आई और इनहोने उस मुसीबतों का डट कर सामना किया और आज वो IAS officar हैं। घर खर्चे के लिए इनके पास इसलिए घर खर्चे के लिए पहले वह वेटर बनें फिर फायरमैन की नौकरी की और इयसके साथ-साथ अपना पढ़ाई जारी रखा और अपने पचवीं कोशिश मे सफलता हासिल कर लिया।

और उस इंसान का नाम हैं आशीष दास, जब आशीष दास (UPSC) की तैयारी करने की सोचे तो उस दौरान वो अग्निशमन विभाग में फायरमैन की पोस्ट पर तैनात थे। एक तरफ नौकरी और दूसरी तरफ ये तैयारी, ये आशीष के लिए आसान नहीं था, लेकिन अपने मेहनत के दम पर उन्होंने ये मुकाम हासिल कर ही लिए। केरल के पथानामथिट्टा के रहने वाले आशीष का परिवार एक साधारण परिवार था, उनका परिवार चाहता था ही वो पहले कमाना शुरू कर दे।

उनके पिता का एक छोटा दुकान था, जिससे शायद ही घर खर्च और पढ़ाई का खर्च निकाल पता होगा। इसलिए उनकी माँ ने एक स्कूल मे आया की नौकरी करने लगी। आशीष स्कूल की पढ़ाई खत्म करने के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया तभी से वो UPSC का सपना देखने लगे थे और तैयारी करने की सोच रहे थे लेकिन घर का हालत देखते हुए उन्होने अपने सपनों को सईड मे रखा और होटल मे वेटर की नौकरी पर ध्यान दिया। इस बाद उन्होंने एग्जाम दिया और फायरमैन के लिए इन्हें अग्निश्मन विभाग में चुन लिया गया।

आशीष ने अपनी सपनों को साइड मे भले ही रख दिया था लेकिन उनका सपना कभी मरा नहीं। जो सपना अभी तक अधूरा था, उसे पूरा करने के लिए वो एक बार फिर से जुट गए। इसी बीच उनकी शादी भी हो गई, लेकिन आशीष चुपचाप अपने सपने को पूरा करने में जुटे रहे।इतनी मुसीबतों को झेलने के बाद उनका मुश्किल खत्म नहीं हुआ इसी दौरान कोरोना महामारी आ गया और उन्हें सैनिटाइजेशन के लिए लगातार ड्यूटी पर रहना पड़ा। हालांकि अपने काम और पढ़ाई को उन्होंने हमेशा अलग रखा। कभी भी काम के कर्तव्य के बीच अपनी पढ़ाई को उन्होंने आने नहीं दिया।

एक दिन जब वो अपने काम पर निकाल गए तो तभी UPSC का रिजल्ट आ गया। आशीष इस परीक्षा को क्लियर कर चुके थे। यूपीएससी निकालने के बाद भी आशीष में कोई बदलाव नहीं आया। वो नौकरी पर उसी तरह से जाते रहे जैसे पहले जाते थे। फायरमैन की नौकरी के अंतिम दिन भी उन्होंने पूरा काम किया ।