इस लड़की के Sympathy को देखकर पूरी दुनिया हिल गयी

हैलो दोस्तों, वक्त के साथ-साथ यह दुनिया काफी नई टेक्नोलॉजी से भर गई है। लोग नई तकनीकी का इस्तेमाल करके अपने करियर को ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। ट्रेंड से लेकर टेक्नोलॉजी तक सभी कुछ भी चेंज हो रहा है। आज के समय में इंसान भी काफी हद तक बदल गए हैं। आजकल के इंसानों में सिर्फ मतलब, स्वार्थ और अहंकार देखने को मिलता है। आज के एपिसोड में हम आपको मतलबी दुनिया के बीच कुछ सच्चे और अच्छे इंसान के बारे में बताएंगे। तो चलिए शुरू करते हैं:-

यह चाइनीज सोशल मीडिया पर लंबे समय तक रही थी। यानी कि यह कहानी दुनिया के सबसे बड़े देश चीन की हैं। चीन की ट्रेन सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले साधन में से एक है। चीन में काफी ज्यादा संख्या में ट्रेन चलती है। भारी संख्या होने के बावजूद ट्रेन में सीट की कमी है।

ऐसे में कई लोगों को सीट मिल जाती है और कई लोगों को खड़े होकर ही सफर करना पड़ता है। यहां की ट्रेन हमेशा खचाखच भरी रहती। जहां बैठना तो छोड़ो खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती।

तभी एक बूढ़ा आदमी बिना सीट वाली टिकट लेकर ट्रेन में इंट्री करता है। और सीट पर बैठ जाता है। उसे लगता है कि उस सीट का मालिक वहां नहीं आएगा। वह बूढ़ा आदमी इतना बीमार था कि सही से खड़ा भी नहीं हो रहा था। लेकिन कुछ देर बाद ट्रेन खुल गई वह सीट का मालिक वहां पर नहीं आया।

वहीं पर एक लड़की भी खड़ी थी जो ठीक तरह से खड़ी नहीं हो पा रही थी लोग आते-जाते उसे धक्का दे रहे थे। उस लड़की के स्टेशन आने में 7 घंटे थे। एक पैसेंजर ने उसे ऑफर किया कि वह उसके सीट पर बैठ जाए लेकिन उसने मना कर दिया। कुछ देर बाद टिकट चेक करने वाला वहां पर आया। लड़की को दूसरे बोगी में ले गया और उसे दूसरे सीट तलाश करने के लिए बोला। लेकिन लड़की को उस बूढ़े व्यक्ति के सीट पर ही बैठना था।

दूसरी बोगी में जाने के लिए लड़की झुकी और अपना वैशाखी निकाली। जिसके बिना वह एक कदम भी आगे नहीं चल पा रही थी। लेकिन उन्होंने अपने से बुजुर्ग व्यक्ति को अपना सीट देकर आगे निकल गई। आज के समय में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।

दोस्तों कुछ सपने ऐसे होते हैं जिसका इंतजार हम बहुत लंबे समय से करते रहते हैं। आप जरा सोचिए आप बहुत लंबे समय से किसी सपने का इंतजार कर रहे हैं और उसे पूरा होते ही आप उसे ना देख पाए। हमारी अगली कहानी ऐसे ही व्यक्ति की है जिसके सपने पूरे होने ही वाले थे कि उनके साथ ऐसा हुआ जो वह सोच भी नहीं सकते थे।

व्यक्ति है कार एक्सीडेंट का शिकार हो गया। जिसके कारण वह कोमा में चले गए। इनके कार का एक्सीडेंट 22 मई को हुई थी। और 25 मई को इनके ग्रेजुएशन की सेलिब्रेशन थी। वह व्यक्ति इस फंक्शन में शामिल होने के लिए काफी लंबे समय से एक्साइटिड थे।

जब वह व्यक्ति कोमा से बाहर आया तो मां से सबसे पहले यही सवाल पूछा कि आज कौन सा तारीख है। यह घटना व्यक्ति को डिप्रेशन में डाल दिया। उनके क्लासमेट्स ने व्यक्ति को सपोर्ट करते हुए कॉलेज के डायरेक्टर से बात की। कहां गया कि कॉलेज उनके लिए कुछ करना चाहता है।

कॉलेज administration ने ग्रेजुएशन के फंक्शन का फिर से आयोजन किया। उस व्यक्ति को सपोर्ट करने के लिए कॉलेज के आधे से ज्यादा स्टूडेंट इस फंक्शन में शामिल हुए थे। वह व्यक्ति जब स्टेज पर ग्रेजुएशन का डिग्री लेने आए तो यह बिल्कुल इमोशनल वाली मोमेंट थी।

आज के समय में तो लोग सिंपैथी तो दिखाते हैं लेकिन मदद करने की टाइम पर अपने कदम पीछे कर लेते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी को मुसीबत में देखकर अपने हाथ को आगे बढ़ाते हैं।

Helping hikers.

अब हम दूसरी कहानी की ओर चलते हैं:-
यह कहानी एक बुजुर्ग महिला पर है जो उस महिला को दोबारा से जिंदगी देती है। यह कहानी न्यू जर्सी की है जहां पर बुजुर्ग महिला अकेली रहती थी। वह पेशे से एक टीचर थी। वह इतनी बुजुर्ग हो गई थी कि वह अपने घर की देखभाल नहीं करती थी। धीरे-धीरे घर की स्थिति बहुत बेकार हो गई थी। वह घर देखने में बिल्कुल भूतिया घर की तरह लगने लगा था।

उस शहर के प्रशासन ने घर की अच्छी तरह से देखभाल ना करने के कारण हर महीने $3000 डॉलर जुर्माना देने को कहा। उस बूढ़ी महिला के मदद करने के लिए ना कोई परिवार था और ना ही कोई दोस्त।

लेकिन बाद में उस बूढ़ी महिला को मदद करने के लिए एक आया। वह कोई और नहीं बल्कि पड़ोस में रहने वाला एक कपल था। जो पिछले काफी समय से उस महिला को मदद करने का ऑफर दे रहा था। लेकिन बोलिए महिला हमेशा मना कर देती थी। उस व्यक्ति ने महिला के घर को संभालने का निर्णय लिया।

काम खत्म होने तक उस बॉलीवुड महिला के ढेर सारे दोस्त मिल गए। आप उस महिला को किसी प्रकार का जुर्माना देने की जरूरत नहीं थी। घर को ठीक करने में करीब 10 से $15000 डॉलर लगे। लेकिन उस व्यक्ति ने महिला से ₹1 भी नहीं लिया।

जब उस व्यक्ति से पैसा नहीं लेने के वजह पूछी गई तो व्यक्ति ने बताया कि उनकी खुशहाल जिंदगी है उनकी सबसे बड़ी रुपया है। ऐसी दयालुता बहुत कम देखने को मिलती है। वह कहते हैं ना इंसान बुरा नहीं होता बुरा वक्त सिचुएशन होती है।