Home रोचक तथ्य धरती पर डायनासोर का अंत और इंसानों की उत्पत्ति कैसे हुई !

धरती पर डायनासोर का अंत और इंसानों की उत्पत्ति कैसे हुई !

दोस्तों आज मैं आपको डायनासोर के अंत कैसे हुआ उसके बारे में बताने जा रहा हूं।

डायनासोर का अंत कैसे हुआ इसे जानने के लिए आज से 65 मिलीयन साल पीछे चलते हैं। जब डायनासोर पृथ्वी पर बड़े ही आराम से अपना जीवन बिता रहते थे। तब 10 करोड़ साल पहले ही इनकी किस्मत लिखी जा चुकी थी।

सुदूर अंतरिक्ष से एक छोटा एस्ट्रोएत का टुकड़ा 22000 मील प्रति घंटा की रफ्तार से पृथ्वी के अंदर घुसते ही घर्षण की वजह से यह एक भयानक आग के गोले में बदल गया।

कुछ ही छन मे यह मेक्सिको की खाड़ी से जमीन पर टकराता है। इसका टकराव का मतलब दस हाइड्रोजन बम के विस्फोट के बराबर था। यह विस्फोट इतना भयानक था कि जगह-जगह डायनासोर का अंत होने लगा।

गर्म हवाओं का तापमान 100 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाने के कारण पेड़ पौधे की आबादी लगभग जलकर खाक हो गई थी। बिस्कुट के 2 घंटे बाद धरती का तापमान 200 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। जिसके कारण से जो डायनासोर बहुत दूर चले गए थे वो भी इस गर्मी की वजह से मर गए।


डायनासोर का अंत एक नये प्रजातियों के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आइए और वो सुनहरा मौका था मैमल्स का। यह जीवित रहने के लिए सब कुछ खाना और अपनी जान बचाने के लिए यह जमीन के अंदर रहने लगे थे। इतने बड़े परलई होने के बाद धरती फिर से समान होने लगी थी नए-नए पेड़ पौधे उगने लगे थे। 1 लाख nसाल पहले पृथ्वी अपने रूप लेने लगी है जिसे आज हम देख रहे हैं।


हमारे परिवार की शुरुआत पेरुला नामक जीव से हुई। पेरुला पेड़ों पर रहते थे। यह हमेशा पेड़ों से झूलते रहते थे और वो कभी कभी अपने पैरों पर खड़ा होकर चलने लगते थे। धीरे-धीरे इन्होंने बोलना , सुनना शुरु कर दिया और धीरे-धीरे यह विकसित होते गए फिर इनका यह रुप मानव के रूप में बदल गया।

हमारा हुलिया, त्वचा, बाल और आंखों का आकार जलवायु और जगह के अनुसार बदल गया। हमने अपने आवश्यकता के अनुसार से खेती करना और जानवर पालना शुरू कर दिया। उसके बाद सभ्यता और संस्कृति का जन्म हुआ। आज हम पूरी तरह से विकसित है।