Home रोचक तथ्य नशा के आदी सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी होते हैं,...

नशा के आदी सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी होते हैं, आप खुद ही देख लीजिए…

हैलो दोस्तों क्या कभी आपने सोचा है कि अगर किसी जानवर को शराब पिला दी जाए तो उसके साथ क्या होगा? क्या वह जानवर भी किसी पीअक्कर की तरह कही सड़क पर गिर पड़ेगा। क्या वह जानवर भी किसी पियक्कड़ की तरह अजीबोगरीब हरकत करने लगेगा?

दोस्तो आप ने अब तक बहुत सारे नशेरियों को देखा होगा। जो नशे की हालत में कोई भी अजीबोगरीब हरकत करते रहते हैं। दरअसल दोस्तों जब कोई इंसान शराब पीता है तो उसका दिमाग उसके बस में नहीं रहता। वही करता है जो उसे करने में मजा आता है।

दोस्तों आपको जानकर हैरानी होगी कि अफ्रीका के जंगलों में एक पेड़ पाया जाता है। जिस पर मारूंरा नाम का एक फल लगता है। यह फल आकार में बहुत छोटा होता है लेकिन स्वाद में बहुत मीठा होता है। इस फल की सबसे खास बात यह है कि इस फल में ऐसा तत्व पाया जाता है जो बहुत ही ज्यादा नशीला होता है। यह फल शराब से भी कई गुना अधिक नशीला होता है।

कई सारे जानवर ऐसे होते हैं जो इस फल के लालच में इसके पीछे पीछे भागे चले आते हैं। आप इस बंदर को ही देख लीजिए इसे खाने के बाद यह इतना मस्ती में झूमने लगता है इसे उसे अपने आप कोई पता नहीं चलता कि वह क्या कर रहा है। इस फल को खाने के बाद बिल्कुल ऐसा ही असर होता है जैसे शराब पीने के बाद होता है।

अल्कोहल की वजह से हमारे दिमाग में कई सारे न्यूरॉन ऐसे होते हैं जिसे मैसेज मिलना बंद हो जाते हैं। यही वजह है कि एल्कोहल पीने के बाद इंसान का शरीर लड़खड़ा ने लगता है।उस फल को खाने के लिए हर जानवर उस जंगल में पहुंच जाते हैं जैसे कि आप इस हाथी को ही देख लीजिए। यह हाथी इस फल की वजह से इतना अधिक नशा में हो चुका है कि वह अपने पैरों पर भी ठीक से खड़ा नहीं हो पा रहा है।

अब आप इस ऑस्टरिच को देखिए। जिसे दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी भी कहा जाता है। इस फल को खाने के लिए जानवर ही नहीं बल्कि पक्षी भी शामिल है। ऑस्ट्रिच इस फल को खाने के बाद इतना अधिक नशा में हो जाता है कि वह अपने पैरों पर ठीक से खड़ा भी नहीं हो पाता है।

इन सभी के साथ है जंगली सूअर भी इस महीने में इस अनोखे फल को खाने के लिए पहुंच जाते हैं इस जंगल में। इस साल के खाने के बाद जानवर लोग इतने कुमार हो जाते हैं कि इस फल को खाने के लिए बार-बार यहां लोग पहुंच जाते हैं। जैसे ही जानवरों के दिमाग से इस फल का नशा खत्म होता है वह फिर से फल के खोज में लग जाते हैं।

हाथी लोगों के इतना अधिक के दिमाग पर नशा चढ़ जाता है कि वह पेड़ों को भी उखारकर फेंकने लगता है। ऐसा करते वक्त उन हाथियों को बहुत मजा आता है। कई बार बना अंखियों के दिमाग पर इतना नशा चढ़ जाता है कि वह लोग ठीक तरह से चल भी नहीं पाते।

हालांकि कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जब हाथियों को खेलने के लिए कुछ साधन नहीं मिलता तो वह किसी बड़े पेड़ को ही अपना निशाना बना देते हैं। और देखते हैं देखते पूरे जंगल को ही उखाड़ देते हैं। ऐसा नहीं है कि वो लोग ईस फल को गलती से खाते हैं। बल्कि जैसे ही जानवरों का नशा उतरता है दोबारा उस पेड़ के पास पहुंच जाते हैं।

एक बात तो साफ है कि नशा में जाने के बाद जानवरों को भी उतना ही मजा आता होगा जितना के इंसानों को आता है। दोस्तो आप तो जानते हैं कि नशा क्या चीज है? लेकिन एक बात तो साफ है कि इंसान हो या जानवर नशे के हालत में सबको बुरा ही होता है। अच्छा होने की संभावना कम ही रहती है।

दोस्तों आपको बता दें कि दिमाग में एक सर्किट होता है। जब नशे की हालत में दिमाग होता है तो एक प्रकार का केमिकल छोड़ता है। उस केमिकल के रिलीज होने पर इंसान को आनंद की अनुभूति होती है। यही वजह है कि लोग बहुत जल्द नशे के आदी हो जाते हैं।

बहुत सारे मामलों में नशे का अधिक इस्तेमाल करने से दिमाग पर प्रभाव पड़ता है। यह सर नशा करने के छोड़ देने के बाद भी कई दिनों तक रहता है। यही कारण है कि नशा करना छोड़ देने के कई वर्षों बाद भी देखत हूं कि नशा करने की लत फिर से लग जाती है।

दोस्त आपको बता दें कि अल्कोहल का इस्तेमाल जानवरों के सामान्य तौर पर इलाज करने के लिए भी किया जाता है। यहां तक कि कई बार पालतू कुत्ते के बाल काटने और नाखून काटने और साफ सफाई करने के लिए भी अल्कोहल का इस्तेमाल करते हैं। उनके पालतू कुत्ते के बाल काटते वक्त वह अनकंफरटेबल महसूस करते हैं। इसलिए उन्हें थोड़ी मात्रा में अल्कोहल पिला दिया जाता है।

आप में से कई सारे लोग ऐसे होंगे जो अल्कोहल का इस्तेमाल करते होंगे। बहुत सारे ऐसे लोग भी होंगे जो सोचते होंगे कि शराब पीते क्यों हैं।दोस्तो नशा ऐसा चीज है जो सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि मौका मिलने पर जानवरों भी ले लेते हैं। हालांकि हमारा मकसद अल्कोहल को प्रमोट करना बिल्कुल भी नहीं है।