Home रोचक तथ्य मिल गया प्राचीन भारत का पहला इलेक्ट्रोनिक डिवाइस

मिल गया प्राचीन भारत का पहला इलेक्ट्रोनिक डिवाइस

हैलो दोस्तों, आपको जानते हैं कि भारत के इतिहास को पूरी दुनिया का सबसे पुराना इतिहास माना जाता है। हजारों साल पहले जब दुनिया भर के लोग जंगली जानवर की तरह रहते थे, अभी भारत में सिंधु घाटी सभ्यता का विकास हो चुका था। अब सभी लोगों ने मान लिया है कि सनातन धर्म में जीने का जो तरीका है वह सबसे बेहतरीन तरीका।

हमारे भारत के इतिहास का कई रहस्य अभी भी उजागर होना बाकी है। जो हमारे इतिहास में अभी भी पढ़ाए नहीं जाते है। हमें स्कूल या कॉलेज में जिस इतिहास को पढ़ाया या बताया जाता है वह अधूरा सच है या फिर पूरा का पूरा झूठ। विश्व की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत है।

भाषा को अन्य भाषा में लिखने का प्रचलन भारत में ही शुरू हुआ था। जब दुनिया भर के लोग टूटी फूटी बोलियां बोला करते थे तो भारत के लोगों ने उस समय से ही संस्कृत भाषा का लिखना या बोलना शुरु कर दिया था। प्राचीन भारत में ब्राह्मणी और देवनागरी भाषा का प्रचलन था। यह लिपी दो की सहायता से ही दुनिया भर के लिपी का जन्म हुआ।

भारतीयों ने दुनिया भर के लोगों के लिए सभ्य बनाने का प्रचलन शुरू किया। यही वजह है कि आज दुनिया भर में सनातन धर्म का विकास देखने को मिलते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि अफ्रीका में 6000 साल पुराना शिव मंदिर पाया गया है। साथ ही चीन, जापान, इंडोनेशिया जैसे देशों में राम और विष्णु का प्रतिमा पाई गई हैं। प्राचीन में हमारा भारत किसी भी चीज में पीछे नहीं था, चाहे वह एजुकेशन सेक्टर में हो या फिर डॉक्टर सेक्टर में हो।

ऐसा नहीं है कि परमाणु हथियार जैसे प्राचीन भारत में नहीं था। प्राचीन भारत में ऐसे कई सारे अस्त्र और शस्त्र थे जिसके बारे में जानकर आप सोच में पड़ जाएंगे।

यह भी कहा जाता है कि प्राचीन भारत में कोई योद्धा ऐसे शास्त्र के बारे में कैसे जानता था जिसे चलाने पर वहां की जमीन पर सूखा पड़ जाए। इसका मतलब है ऐसा कुछ ना कुछ तो था जिसका ज्ञान आगे नहीं बढ़ाया गया। जिस कारण वह समय के साथ-साथ गुम हो गया।

बात अगर हम चिकित्सा विज्ञान के करें तो प्राचीन भारत में चिकित्सा विज्ञान बहुत उन्नत था। वह आज सभी लोगों को पता चल गया है। कैंसर जैसी बीमारी का इलाज प्राचीन भारत से ही आया है। एक संहिता में कैंसर जैसी बीमारी के साथ-साथ मोतियाबिंद और सर्जरी का भी उल्लेख किया गया है।

प्राचीन भारत में आसमान में विमान होते थे, तो उसके साथ साथ समुद्र में नाव भी चलते थे। रामायण में भगवान राम नाव में ही बैठकर एक गंगा को पार करते हैं। उसके साथ-साथ पुष्पक विमान से आए अयोध्या से वापस लौट कर आए थे। दुनिया भर के शोधकर्ताओं का मानना है कि प्राचीन भारत में भी विमान होते थे।

अगर हम बातें संगीत और वाद्य यंत्र की करें तो इसका निर्माण भी प्राचीन भारत में ही हुआ है। संगीत का सबसे पुराना ग्रंथ सामवेद है। शुरुआत से ही संगीत, कला और नृत्य से गहरा नाता रहा है। लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रही है हम इन प्राचीन ग्रंथों को खोते जा रहे हैं।

हजारों वर्ष पुरानी हड़प्पा सभ्यता में नृत्य करती हुई लड़कियों की मुक्ति पाई गई है। जिससे यह पता चलता है कि प्राचीन भारत में ही नृत्य कला का विकास हो चुका था। प्राचीन भारत की नृत्य शैली से ही दुनिया भर की नृत्य शैलियां विकसित हुई है। प्राचीन नृत्य कोई मनोरंजन के लिए नहीं बनाया गया था।

अगर आप प्राचीन भारत के इतिहास को पढ़ेंगे तो आपको पता लग जाएगा कि प्राचीन भारत में सनातन धर्म कितना विकसित था। प्राचीन इतिहास का ही उपयोग करके वेस्टर्न इंडियन ने चिकित्सा विज्ञान को पूरी दुनिया में फैलाया।

दरअसल हमें सिर्फ राजनीतिक ढंग से ही गुलाम नहीं बनाया गया था बल्कि मानसिक रूप से भी हम गुलामी की जंजीरों में जकड़े हुए थे। अंग्रेजों के शासन में हमें हमारे ही धर्म के प्रति हीन भावना भर दिया। हमारे ही ज्ञान का प्रयोग कर दी संसार में विजय होते रहे।

अब हमें जरूरत है, कि हम हमारे सांस्कृतिक ज्ञान को पहचाने और उस पर गर्व करना सीखें।

पश्चिमी देशों में सिर्फ एक ही मांग थी बस किसी भी कीमत पर हमें विकास चाहिए। इसी चाहत में उन्होंने प्रकृति को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है। जिसका नतीजा पर्यावरण में हुए भारी नुकसान के रूप में देखने को मिल रहा है।

अगर बात भारत की की है तो यहां पर प्रकृति को भगवान का दर्जा दिया गया है। हमारे भारत में नदी, तालाब, पर्वत और पेड़ पौधों को पूजे जाने की परंपरा रही है। भारत में किसी भी शुभ अवसर पर सबसे पहले प्रकृति को ही याद किया जाता है।

हमारे भारत में पहले औषधि की चर्चा देखने को मिलती है, पहले लोग उसका मजाक उड़ाया करते थे। लेकिन इस कोरोना महामारी में अचानक से उन औषधियों की याद आ गई।

आज पूरी दुनिया में भारतीय खानपान को लेकर विचार किया जाता है। भारत में हर मौसम के अनुसार भोजन तय रहता है। कोरोना महामारी के आते ही भारतीय भोजन के जीवन शैली को पूरी दुनिया में चर्चा की जाती है।

कोरोना काल में पूरी दुनिया भारत के योगा के तरफ आशा भरी नजर से देख रहे हैं। आज जब कोरोना का कोई ट्रीटमेंट नहीं मिल पा रहा तो पूरी दुनिया भारत की जीवन शैली को अपना रही है।आज दुनिया भर के लोगों को विश्वास हो गई, कि प्राचीन जीवन शैली ही मानव अस्तित्व को बचाए रख सकता है। सनातन धर्म कोई धर्म नहीं बल्कि यह एक जीने का तरीका है।