Home रोचक तथ्य ऐसे देते है काला पानी की सज़ा !

ऐसे देते है काला पानी की सज़ा !

दोस्तों आपने भी बचपन में स्वर्ग और नर्क की कहानी के बारे में सुना होगा। दोस्तों आपने कभी जीते जी नरक के बारे में देखा है। तो दोस्तों आज हम आपको धरती के नर्क के बारे में बताने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं:-

अंडमान निकोबार द्वीप समूह में स्थित काला पानी जेल है। दोस्तों, काला पानी की सजा बीते समय की एक ऐसी सजा थी जिसके नाम से कैदी कांपने लगते थे।

दरअसल एक जेल थी, जिसे सेल्यूलर जेल के नाम से जाना जाता है।

यह जेल अंडमान निकोबार दीप समूह के राजधानी पोर्ट ब्लेयर में बनी हुई है। इस जेल को अंग्रेजों द्वारा बनाया गया था। कालापानी सांस्कृतिक शब्द काल से बना हुआ माना जाता है। जिसका अर्थ होता है समय या मृत्यु।

काला पानी का अर्थ मृत्यु से है जहां से लौटकर कोई भी वापस नहीं आता।

1857 में जब भारतीयों में स्वतंत्रता की आग लगी थी। और वे लोग अंग्रेजों के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे थे। इस विद्रोह को रोकने के लिए अंग्रेजों ने सन 1896 इस्वी में सेल्यूलर जेल बनाना शुरू किया। अंग्रेजों ने काला पानी के लिए खास किस्म की जेल तैयार करवाई थी।

इस जेल के भवन में लाल ईंटों का प्रयोग किया गया। जेल के बीचोंबीच एक टावर बनाया गया जहां से कैदियों पर नजर रखी जाती थी। इस जेल में 698 कोठड़िया बनी हुई थी।

इस जेल मे लोगो के साथ बहुत बुरा वर्ताव किया जाता था। कैदियो के नन्गे वदन पर चाबुक के ओले वर्षाये जाते थे। और दो ज्यादा विरोध करता था वैसे तो आपके सामने खड़ा करके उड़ा दिया जाता था।

कहा जाता है कि एक कैदी ने डर से आत्महत्या कर ली थी जिस वजह से जेल के अधिकारियों ने 87 लोगों को फांसी पर लटकाने का ऑर्डर दे दिया था।

जिन कैदियों को काला पानी की सजा मिलती थी वह तो बस भगवान से यही दुआ करता था कि किसी तरह बच जाए।

एक बार इस जेल से 238 कैदियों ने जेल से भागने की कोशिश की थी। परंतु वह लोग पकड़े गए और उन्हें अंग्रेजों के कहर का सामना करना पड़ा।

1947 में हमारा भारत स्वतंत्र हुआ जिसके बाद काला पानी की सजा समाप्त हो गई और सेल्यूलर जेल को राष्ट्रपति भवन घोषित किया गया। यहां पर एक म्यूजियम भी बनाया गया है।

इस म्यूजियम में बहुत सारे हथियार भी रखे गए हैं जिसे देखकर अंदाजा लगाया जाता है कि अंग्रेज हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों पर कितने जुल्म किया करते थे। उन पर ढेर सारी सितम हुई फिर भी उन लोगों ने हिम्मत नहीं हारी।