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जानिए फैक्टरी मे AEROPLANE और BUS कैसे बनाया जाता हैं?

हैलो दोस्तो, आप तो जानते हैं कि आज के वक्त मे ट्रांसपोर्टशन इन्सानो के जरूरत मे से एक हैं। खाना हो चाहे पानी हो हर चीज हमारे ट्रांसपोर्टेशन से ही जुड़ा हुआ हैं। ट्रांसपोर्टेशन की अगर बात होती हैं तो रेल गाड़ी, हवाई जहाज और बस जैसी ही बाते आती हैं। जिसमे हम बैठकर एक जगह से दूसरे जगह का सफर आसानी से कर लेते हैं। लेकिन क्या कभी अपने सोचा हैं कि जिस हवाई जहाज मे बैठकर हम सैकड़ो किलोमीटर की यात्रा सिर्फ कुछ ही पल मे कर लेते हैं वो आखिर कंपनी मे बनता कैसे हैं? आज हम आपको इनहि सवालो के जवाब को देंगे।

AEROPLANE MANUFACTURING:- हवाई जहाज तो देखकर ही समझ आ जाता हैं कि इसे बनाना किसी बच्चे का खेल नहीं। हवाई जहाज बनाने वाली कंपनी किसी छोटे-मोटे इंजीनियर को जॉब पर नहीं लगाती। हवाई जहाज मे एक भी चूक नहीं होनी चाहिए। दोस्तो, आपको बता दें कि हवाई जहाज को बनाने मे कम-से-कम 8 से 10 दिन का वक्त लगता हैं।

हवाई जहाज को तैयार करने के लिए वहाँ के इंजीनियर सबसे पहले हवाई जहाज के ढांचे को तैयार करते हैं। हवाई जहाज का ढांचा तीन अलग-अलग भागो मे तैयार होता हैं। उसके बाद ढांचे को कंपनी के फिटिंग डिपार्टमेन्ट मे लाया जाता हैं। तीनों ढांचो को एक साथ मजबूती के साथ जोड़ा जाता हैं। जोड़े हुए ये मजबूती ही सबसे मेन मजबूती होती हैं। हवाई जहाज को जोड़ने के बाद इंजीनियर खिड़की दरवाजे का काम शुरू करते हैं। इन खिदकियों का काम करने मे लगभग 3 दिनो का समय लग जाता हैं।

खिड़की का काम करने के बड़ा इसके इंदर एक परत को चढ़ाया जाता हैं ताकि ये दिखने मे सुंदर लगे। इसके बाद हवाई जहाज मे पंखो को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाती हैं। ये सभी काम बहुत ही मजबूती के साथ किए जाते हैं। हवाई जहाज मे लगे पहियो को अच्छी तरह से फिक्स करने के बाद 5वे दिन हवाई जहाज मे ऑपरेटिंग सिस्टम को फिट किया जाता हैं। इस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करके पाइलट हवाई जहाज को आसमान तक लेकर जाते हैं।

बाकी जरूरी चीजो को फिट करने का काम:- हवाई जहाज मे बाथरूम, अलमारी, किचन… हर समान को बहुत अच्छे तरह से सजा दिया जाता हैं। सबसे लास्ट मे इंजीनियर का काम होता हैं हवाई जहाज मे इंजन को फिट करना। हवाई जहाज के दोनों पंखो पर इंजन को लगा दिया जाता हैं। लास्ट मे इंजन लगाने के बाद इंजीनियर चेकिंग करते हैं। बाद मे इस पर पेंटिंग की जाती हैं। इसके साथ ही इस पर मॉडल नंबर भी चिपकाया जाता हैं।

हवाई जहाज की असली परीक्षा:- इसे एक फील्ड मे लाया जाता हैं। इसे एक अनुभवी पाइलट इसे उड़कर टेस्ट करता हैं। जब इसे सब कुछ ठीक लगता हैं तो इसे एयरलाइंस मे पहुंचाया जाता हैं। सारे काम करने मे 8 से 10 दिन का समय लगता हैं।

BUS MANUFACTURING:- बस एक जगह से दौरे जगह पर सफर करने के लिए बहुत बेहतरीन साधन होता हैं। बस को बनाने का काम कोई आसान काम नहीं होता हैं। क्यूकी इसे बनाने मे अगर छोटी सी भी गलती कई सारे यात्री पर हावी पर सकता हैं। जब इसे कंपनी मे बनाने की शुरुआत की जाती हैं तो लगभग 3000 किलो से अधिक स्टील की जरूरत पड़ती हैं। इनही स्टील की मदद से बस के ऊपरी भाग को तैयार किया जाता हैं। इसी तरह से बस के लेफ्ट, राइट और निचले भाग को भी तैयार किया जाता हैं।

जब यह चारो ढांचा तैयार हो जाता हैं तो इंजीनियर अच्छी तरह से जोड़कर बस का रूप दे देती हैं। इसे जोड़ने के लिए बेल्डिंग मशीन का यूज किया जाता हैं। जिसे हर हिस्से को बहुत मजबूती से जोड़ा जाता हैं। उसके बाद ढांचे पर स्टील या लोहे के परत को चढ़ाया जाता हैं। बस को उठाकर पेट और केमिकल के ऐसे घोल मे डुबोया जाता हैं, जिससे बसो के ऊपर जल्दी से जंग न लगे। इसके बाद बस के अंदर हर तरह के वायर को फिट किया जाता हैं।

इन सब के बाद बसो मे पहिया और पेट्रोलिंग सिस्टम को फिट किया जाता हैं। उसके बाद बस के सबसे मेन चीज बस के इंजन को लगाया जाता हैं। सब कुछ जाने के बस के अंदर क्लेचरिंग को जोड़ा जाता हैं। बाद मे बस के अंदर सीट को तैयार किया जाता हैं। अंत मे बस के टेस्टिंग के लिए सड़क पर लाया जाता हैं।