Home रोचक तथ्य जानिए आपके घर पर आने वाला दूध कितना शुद्ध हैं

जानिए आपके घर पर आने वाला दूध कितना शुद्ध हैं

दोस्तो, दूध पीना और दूध से बनी चीजों का सेवन करना भारत की पुरानी आदत रही हैं। भारत मे गाय को भी माता कहकर बुलाया जाता हैं। लेकिन क्या आपा जानते हैं FSSAI यानि Food Safety and Standard Authority of India की हाल के रिपोर्ट मे सामने आया हैं कि हमारे देश मे दूध पीने लायक नहीं हैं। चाहे वो डेयरी का दूध हो या फिर बड़ी-बड़ी कंपनियो का पैकेज किया हुआ दूध। इन सभी दूध मे हर तरह के कमियाँ पायी गयी हैं। लेकिन अगर देखा जाये तो सबसे सुरक्षित दूध पैकेट वाला दूध को माना गया हैं। इसके कई कारण हैं।

लेकिन उसके लिए यह समझना बहुत जरूरी है की आखिरकार ये package milk बनता कैसे हैं। AMUL और MOTHER DAIRY जैसी कंपनियाँ दूध अपने यहाँ produce नहीं करती हैं बल्कि गाय रखने वाले पशु पालको से ही लेती हैं। रोज सुबह किसान अपने यहाँ से दूध लेकर नजदीकी milk collection center तक पहुँच जाती हैं औए 18-20 रुपए प्रति लीटर के दाम पर इन center पर दूध इकट्ठा किया जाता हैं।

इन दूध को लेने से पहले इनके sample की जांच की जाती हैं और sample सही होने पर ही बाकी का दूध कंपनी लेती हैं। सभी milk center से इकट्ठा किया गया दूध बाकी के कामों मे लिए आगे भेजा जाता हैं। यहाँ पर फिर एक बार दूध की गुनवाता को परखा जाता हैं और सबकुछ सही होने पर इसे आगे भेज दिया जाता हैं। आगे जाकर दूध को center fuse machine की मदद से बहुत ही हाइ स्पीड पर घुमाया जाता हैं ताकि इसमे से क्रीम को अलग किया जा सके।

बाद मे इस दूध से full cream toned और skin milk बनाया जाता हैं दूध को पैकेट मे पैक करने से पहले और कई प्रोसैस से गुजरना परता हैं। इसका पहल पड़ाव हैं :-

PESTURIZATION इसमे दूध को कुछ पिपेस मे 15 सेकेंड तक गुजारा जाता हैं। यह पूरा प्रोसैस 1 घंटे तक चलता हैं। इसका एक नुकसान भी हैं की इससे दूध मे मौजूद कई पोषक तत्व भी खत्म हो जाता हैं। इसमे अलग से vitamin A और D को मिलाया जाता हैं। इसके बाद दूध पैकेजिंग के लिए तैयार हो जाता हैं। बाद मे इसे प्लास्टिक पैकिंग किया जाता हैं।

देखने मे तो ये साफ-सुथरा मालूम पड़ता हैं। लेकिन इसमे बहुत अशुद्धियाँ निकलती हैं। यह भी कहा जाता हैं, कि जानबूझकर नजरअंदाज कर दी जाती हैं सबसे पहली चीज जो दूध मे Antiboitic की मात्रा packaging देखी जाती हैं। यह दावा गाय को स्वस्थ रखने के लिए दी जाती हैं। इस दूध को पीने वाले इंसान की तबीयत भी खराब हो सकती हैं। यह भी देखा गया कि हर 10 मे से 1 पैकेट मे से यह अशुद्धियाँ देखी गयी।

इसके बड़ा भी एक-के-बाद-एक अशुद्धियाँ देखी गयी। सबसे खतरनाक जो देखा गया वो हैं, Aflatoxin M1। यह एक ऐसा केमिकल हैं जो गाय को चारा खिलाने के दौरान दिया जाता हैं। इस दावा के मिलने से कैंसर जैसी बीमारिया सामने आ जाती हैं। कई लोग अपने मवेशियो को खुले मे चरने के लिए छोड़ देते हैं। जिस वजह से ही ये सारी बीमारियाँ होती हैं।

आपने तो कई बार सुना होगा कि छोटे दुकान मिठाई मे नकली दूध या तेल का इस्तेमाल करते हैं। कुछ कंपनिया कुछ पैसो को बचाने के लिए सोया मिल्क का इस्तेमाल करते हैं।

खुले दूध मे कई samples लिए गए। रिपोर्ट मे ये मिला कि इसकी हालात और भी बुरी हैं। दूध मे पनाई के अलावा जहरीले रसायन मिलाया जाता हैं। खुला दूध बेचने वाले लोगो को सफाई पर ध्यान कम रहता हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक 22% दूध भारत अकेले उत्पादन करता हैं। यहाँ पर सरकार पैकिंग दूध के लिए और नियम कड़ा कर दिया हैं।