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पिता की थी चाय की दुकान, बेटा ने पहली प्रयास मे ही निकली UPSC की परीक्षा !

दोस्तो, आज हम आपको बताएँगे कि कैसे पिता सड़क पर चाय की दुकान चलते थे, और बेटा ने पहली प्रयास मे ही UPSC की कठिन परीक्षा मे उतिर्ण होकर एक मिसाल कायम किया हैं।

दरअसल दोस्तो बेहद ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले देशलदान रतनु ने सिविल सेवाओ की परीक्षा दी वो भी बिना किसी कोचिंग के सहारे ही पहली प्रयास मे ही उतिर्ण होकर दिखाया। उन्होने कभी भी गरीबी को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। कठिन परिस्थितियो को अपनी चुनौती समझकर तैयारी शुरू की।

देशल दान का जन्म राजस्थान के जैसलमर जिले मे हुआ था। उनके कुल सात भाई बहन हैं। उनके कोई भी भाई बहन पढ़ नहीं सका। सिर्फ दो भाई ने ही जैसे तैसे करते पढ़ा। उनके पिता ने सड़क पर चाय बेचते हैं। उन्हे तो ये पता भी नहीं कि सिविल सर्विस परीक्षा क्या होता हैं।

देशल दान के बड़े भाई इंडियन नेवी मे हैं। उन्होने ही छोटे भाई को प्रेरित कर सिविल सर्विस मे भेजा। जब वे UPSC की तैयारी कर रहे थे तो उनके भाई का निधन हो गया। तभी उनकी पोस्टिंग सिंधुरक्षक सबमरीन मे थी।

रतनु जब तैयारी कर रहे थे तो उनके बड़े भाई का निधन हो गया। फिर बाद मे उन्हे JEE की परीक्षा मे उन्हे IIT जबलपुर जाने का फैसला किया।

IIT पास करने बाद उन्हे ढेरो नौकरी का अवसर मिला, किन्तु वे सिर्फ सिविल सर्विस का तैयारी पर फोकस किया। लेकिन उन्हे परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से वे दिल्ली जाकर पढ़ाई न कर सके ओर ना ही कोई कोचिंग क्लास गए।

साल 2017 मे उन्होने पहले प्रयास मे ही 82वीं रैक से सफलता हासिल की। वो कहते हैं, कि अगर आपका लक्ष्य निर्धारित हो तो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके परिवार की आर्थिक आय क्या हैं। अगर आपका लक्ष्य निर्धारित हो तो आपको जरूर सफलता मिलेगी।

source:- jansatta.com