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चाणक्य की नीति मानने वाले इंसान अपने जीवन मे सुखी हैं, आप भी जान लीजिये चाणक्य के नीति को

हैलो दोस्तो, चाणक्य नीति चाणक्य द्वारा रचित एक ग्रंथ है। जिसमें जीवन को सुखी बनाने के लिए सुझाव दिए गए हैं। इस ग्रंथ का मुख्य विषय मानव समाज को व्यवहारिक शिक्षा देना है। चाणक्य एक महान ज्ञानी थे जिन्होंने अपने नीतियों के बदौलत चंद्रगुप्त मौर्य को राजा की गद्दी पर बैठाया था। आज के एपिसोड में हम आपको चाणक्य के कुछ मुख्य नीति के बारे में बताएंगे, जो आपके जीवन के हर मोड़ पर काम आ सकती है। तो चलिए शुरू करते हैं:-

दोस्तों आप तो जानते हैं कि मनुष्य के चार चीजों की भूख कभी नहीं मिटती। धन, जीवन, वासना और भोजन। इन 4 चीजों के लिए मनुष्य हमेशा भूखा रहता है। यह चीजें मनुष्य को कितने भी मिल जाए उसकी लालसा कभी समाप्त नहीं होती। जीवन के लंबे सफर पर हमें यह सोच कर चलना चाहिए कि हमें कभी भी बुरा समय आ सकता है। दोस्तो आप तो जानते हैं कि जब भी इंसान पर बुरा समय आता है तो उसके अपने भी पराए हो जाते हैं।

यदि वह समय इंसान के पास धन हो तो किसी भी बुरा समय का मुकाबला कर सकता है। आपको जानते हैं कि बहुत भले बन कर जीवन को व्यतीत नहीं किया जा सकता। क्योंकि भले और सीधे आदमी को हर कोई दबाना चाहता है। उसके शराफत और ईमानदारी को लोग पागलपन समझते हैं।

जैसे जंगल में सीधे पेड़ों को ही पहले काटा जाता है। और टेढ़े मेढे पेड़ खड़ा रहते हैं। इसलिए आप अपने जीवन में इतना भी सीधा मत बनिए के लोग आप को लूट कर खा जाए।

उल्लू दिन में देख नहीं सकता है इसमें भला सूर्य का क्या दोष हो सकता है। आप ये समझ लीजिए कि ये सब विधाता की देन है। ईश्वर महान है, सर्वशक्तिमान है। इस संसार के सारी बागडोर ईश्वर की हाथ में है। ईश्वर ही राजा को दास और दास को राजा बना देता है। ईश्वर ही गरीब को अमीर और अमीर को गरीब बना देता है। ईश्वर पर भरोसा रखो क्योंकि वही सब कुछ कर सकता है।

हर पहाड़ के अंदर हीरे नहीं होते। हर हाथी के मस्तक पर मुखता नहीं होती। सभी स्थानों पर अच्छे आदमी नहीं मिलते। हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती। यह सारी दुनिया विवादों से घिरी हुई है इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले अवश्य सोचना चाहिए।

जैसे हाथी बड़ा होने पर भी चंचल रहता है। गन्ना को पेरे जाने पर भी अपनी मिठास नहीं छोड़ता। सोना आग में तप ने के बाद भी अपनी चमक नहीं खोता। इसलिए अच्छे चरित्र वाले लोग कहीं भी चले जाएं वह अपने आपको नहीं खोते।

कुछ इंसानों ने पत्थर के टुकड़ों को ही रत्न मान लिया है। लेकिन दोस्तों असली रत्न में तो केवल अनाज, पानी और ज्ञान ही होता है। इन तीनों रत्न से बड़ा और कोई रत्न नहीं हो सकता।

पाप और पुण्य में क्या अंतर है, हमें किस कार्य में लाभ हो सकता है और किस कार्य में हानि हो सकता है। इस बात को सोचकर मनुष्य को कदम उठाना चाहिए। कठिन कार्य करने पर सेवक की, संकट आने पर भाई और बंधुओं की, आपत्ति काल में मित्र की तथा धन का नाश होने पर अपनी पत्नी की परीक्षा होती है।

शेर से 1, कौवे से 5, बगुले से 4, कुत्ते से 6 और बाघ से 3 गुण मनुष्य को सीखने चाहिए। काम भले ही थोड़ा करो लेकिन मन लगाकर करना चाहिए। इंसान को यही शेर से सीखना चाहिए। समय के अनुसार अपने शक्ति से काम करने का गुण बगुले से सीखना चाहिए।

एक समय से जागना, सोना और झपटकर भोजन करना यही गुण मुर्गे से सीखना चाहिए।

समय-समय पर संग्रह करना, फोकस रहना, दूसरों पर विश्वास ना करना ये गुण कौवे से सीखना चाहिए।

बहुत भूख में भी संतुष्ट रहना, गहरी नींद में सोते हुए भी जागते रहना, मालिक की वफादारी करना यह गुण मनुष्य को कुत्ते से सीखना चाहिए।यदि धन का नाश हो जाए, मन की शांति भंग हो जाए यह सब बात बुद्धिमान लोग दूसरों को नहीं बताते हैं। जो व्यक्ति दूसरों को बताने की भूल करते हैं उनका मजाक ही बनता है।

अपने हाथों से किया गया काम सबसे श्रेष्ठ है होता है। इसलिए मनुष्य को अपना हर एक काम अपने हाथों से ही करना चाहिए।जो व्यक्ति अपनी आमदनी से अधिक खर्चा करता है और दूसरों से अधिक झगड़ा करता है वह मनुष्य कभी भी सुखी नहीं रह सकता।जैसे धरती खोजने से उस में से पानी निकलता है उसी प्रकार मनुष्य को गुरु की सेवा करने से विद्या प्राप्त होती है। यह बात हमेशा याद रखें कि गुरु की सेवा करने के बिना मनुष्य कभी भी शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकता।

जो नारी अपने पति का कहना नहीं मानती, और व्रत रखती है तो ऐसी नारी अपने पति के आयु को कम करती हैं। ऐसे मैं हूं नारियों को सोचना चाहिए कि अपने पति की आज्ञा के बिना चलना वो कभी भी सुखी नहीं रहती।

नारी के लिए स्वर्ग की प्राप्ति केवल पति की सेवा से ही प्राप्त होती है। जीवन का अर्थ यही है कि अपने जीवन को सदैव अच्छे कार्य में लगाए रखें। अच्छे कामों से पुरुष महान बनता है। यह मत भूलो कि जीवन अस्थाई है इसलिए जीवन के हर पल का उपयोग किसी अच्छे काम के लिए किया जाना चाहिए। जब तक जीवन रहता है तब तक हर चीज में आनंद रहता है। जैसे ही मृत्यु आकर जीवन का अंत कर देती हैं इसके साथ ही हर चीज का अंत हो जाता है।

पुरुष आदि काल से ही चंचल है। यह संसार में ईश्वर को छोड़कर हर चीज और अस्थाई हैं। यह घर, रिश्ते नाते सब कुछ स्थाई है। इनमें से कोई किसी का साथ नहीं देता। दोस्तों केवल धर्म ही हैं जो अटल सत्य है। यह ज्ञान का भंडार है। दूसरों के भला चाहने वाले ही शांति प्राप्त कर सकते हैं। इंद्रियों पर संयम और जीवो पर दया करने से ही मुक्ति मिलती है।

कर्म से ही इंसान छोटा बड़ा बनता है। इसलिए सदा अच्छे काम करो और बुराई से दूर रहो। अच्छे काम करने से जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है।

इंसान बुराई करके सांप से भी ज्यादा भयंकर हो सकता है। सागर सबसे महान है किंतु इसमें भी तूफान आते हैं। अपनी सारी सीमाएं तोड़ कर विनाश कर देता है। परंतु अच्छे साधु और ज्ञानी लोग कभी भी अपनी सीमाएं नहीं तोड़ते।

कोई मनुष्य चाहे कितना भी सुंदर हो, परंतु वह पढ़ा लिखा नहीं होता उसका हालत है उस फूल की तरह हो जाता है, जो दिखने में तो सुंदर है परंतु सौगंध से वंचित है।

शस्त्र धारी कभी भी हमला कर सकता है। सिंग वाले परसों कभी भी सिंग मारकर हमला कर सकते हैं। इस दुनिया कभी भी झूठ बोलकर लालझन लगा सकती है, और राज घराने के लोग जरा जरा सी बात पर बिगड़ जाते हैं। इसलिए उनसे कभी भी खतरा पैदा हो सकता है।