Home रोचक तथ्य क्या हम इन्सानो के दुनिया के अलावा दूसरी दुनिया भी मौजूद हैं?

क्या हम इन्सानो के दुनिया के अलावा दूसरी दुनिया भी मौजूद हैं?

हैलो दोस्तों, कभी-कभी ऐसा लगता है कि कोरोना एवं अन्य आपदा जो आती हैं, पूरी दुनिया को नष्ट करने आई। लोगों को हमेशा डर लगा रहता है कि दुनिया में कभी भी प्रलय आ सकती है। लेकिन दोस्तो आप को पता चले कि कल पहले होने वाला है तो आप क्या करोगे?

पर दोस्तों क्या आप जानते हैं कि हमारे इस धरती का जन्म कई सारे प्रलय के बाद ही हुआ है। हमारे इस ब्रह्माण्ड का राज और हमारे इस धरती का राज शायद ही लोगों को पता होगा। आज के इस एपिसोड में हम आपको ऐसे ही कुछ थ्योरी के बारे में बताएंगे, जिसे जानकर आप के होश उड़ जाएंगे:-

दोस्तो, आप तो जानते हैं कि जब से हम लोग इस धरती पर आए हैं तब से एक सवाल बहुत परेशान करता है कि आखिर यह धरती बनी कैसे?

Big Bang Theory:- इस थ्योरी की मदद से यह पता चलता है कि यह धरती का निर्माण ने एक छोटे से पार्टीकल से हुई है। इस घड़ी में जो एक्सप्लेनेशन हुई है वह दो-तीन डायमेंशन वाले पार्टिकल्स के टकराने से हुई है।

Elians: अब भी हमारे शरीर के DNA में कई सारे ऐसे चीज मौजूद हैं जिसका शोध वैज्ञानिकों ने अभी तक नहीं की है। और इसी डीएनए का इस्तेमाल करके हम लोग एलियन से बात करने की क्षमता डेवलप कर सकते हैं।

फिल्मों में दिखाया जाता है कि एलियन से बात करने के लिए रेडियो सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता है। इस थ्योरी के मुताबिक हम अपने जींस को डेवलप करके एलियन से बातचीत कर सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार डीएनए दुनिया के सबसे कॉप्लेक्स चीजों में से एक है।

दोस्तों आप तो जानते हैं कि इंसान को सभी जिन से सबसे ज्यादा बुद्धिमान माना जाता है। इस ब्रम्हांड में कहीं भी एलियन सिविलाइजेशन जैसे कुछ होगी। यह थ्योरी कितना सही है फिलहाल कहा नहीं जा सकता।

इस ब्राह्मणड में केवल हम इंसान ही नहीं रहते बल्कि एलियंस और दूसरी दुनिया का आदमी भी रहता है। अगर किसी दिन हमारी यूनिवर्स से दूसरा यूनिवर्स आकर टकरा जाए, तो ऐसा लगेगा कि कोई बड़ा सा आग का गोला हमारी तरफ आ रहा है। उस दिन तो इंसान के सिविलाइजेशन के आखरी दिन होगा।

इस तरह से हमारी पूरी दुनिया खाक हो जाएगी। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा होने का चांसेस बहुत कम होता है। हम जिस दुनिया में रहते हैं 3D है। और टाइम इस ब्रह्मांड का चौथा डायमेंशन है।

अगर हम सुपरफ्लूड के बात करें तो अब तक उसमें हीलियम की ही खोज हुई है। वह भी -273.115 डिग्री से कम टेंपरेचर पर।

एक सिद्धांत के अनुसार पाया गया है कि मनुष्य जाति उसी एरिया में बस सकती है जहां पर बसने की क्षमता पूरी तरह से विकसित होती है। और अगर ऐसा नहीं होता है तो इंसानी जीवन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इस थ्योरी को आज कई सारे वैज्ञानिक नन साइंटिफिक थ्योरी मानते हैं।

एक वैज्ञानिक का कहना है कि हम देश दुनिया में रहते हैं वह एक कंप्यूटराइज्ड यूनिवर्स हैं। एक कंप्यूटर से पूरी सिविलाइजेशन तैयार की जा सकती है। इस थ्योरी पर फिलहाल कुछ भी कहा नहीं जा सकता।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यूनिवर्स में इतनी high-velocity होने के बावजूद में तारे इतना स्टेबल कैसे होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हम किसी ग्रह के सेंटर पर प्रोपोर्शनल मानेंगे तो शायद यह मुमकिन है। लेकिन न्यूटन के सेकंड लॉ के अनुसार प्रोपोर्शनल होना चाहिए न की उसके स्क्वायर के प्रोपोर्शनल।