कम उम्र मे शादी और 2 बच्चे होने के बावजूद भी ऑफिसर बनी, आशा !

हैलो दोस्तो, आप तो जानते हैं कि हमे कोई भी कितनी बड़ी भी मुसीबत आए हमे उसे डटकर सामना करना चाहिए। आज हम आपके सामने एक ऐसी सच्ची घटना को लेकट आए हैं, जिसे जानकर आपकी आंखे खुल जाएगी।

नगर निगम की सफाईकर्मी

जोधपुर की रहने वाली आशा कंडारा का भी आर्मी जॉइन करने का सपना था। वो सफाई कर्मी का भी कुछ दिनो तक काम की। लेकिन घर वालो को अच्छा रिश्ता मिल जाने के कारण कम उम्र मे ही उसकी शादी करवा दी गयी। उसके बाद उसे 2 बच्चे हुए।

पति से अलगाव

शादी के कुछ साल बाद ही पति से अलग हो गई। आशा की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। वो किसी तरह से दोनों बच्चो का पालन पोषण करती हैं। लेकिन वो आशा आशा की किरण नहीं छोडती हैं।

आरएएस भर्ती के लिए फॉर्म

आशा 16 साल बाद ग्रेजुएशन कंप्लीट करती हैं। 2018 मे आरएएस का फॉर्म अपलाई करती हैं। फिर प्री एकजाम के साथ साथ मेन एकजाम भी पास कर लेती हैं। आरएएस मे आशा को 728 रैंक आए थे। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से परिवार का खर्च पूरा करने के लिए नगर निगम मे सफाई की भर्ती के लिए आवेदन देती हैं। 26 जून 2019 को वह सफाई कर्मचारी के पद पर चुन ली जाती हैं। जैसे तैसे घर का खर्चा चलता जाता हैं।

धैर्य ही सबसे बड़ा संपत्ति

आशा 2018 से 2021 तक सफाई कर्मचारी मे ही काम करती रहती हैं। आशा के घर मे खुशियाँ तक आई जब मंगलवार को आशा की मेहनत सफल हो गयी। अपने पहले ही प्रयास में आशा ने  आरएएस की परीक्षा पास कर ली । आशा का कहना हैं, कि इस सफलता के सबसे बड़ा सहयोग मेरे माता-पिता हैं। उसके बाद वो धैर्य को मानती हैं। जो सबसे बड़ी पूंजी है।

कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता

आशा कहती हैं, कि मैंने अपने समाज ने कई सारे दूध देते हैं। और कई तरह का काम भी किया हैं। वो कहती हैं, कि बच्चो को पढ़ाई पढ़ाये बिना पढ़ाई के कुछ भी नहीं होता। आशा का मानना हैं, कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। सभी तरह के काम बड़े ही होते हैं।

आशा के 2 बच्चे हैं

आशा के एक लड़की और एक लड़का हैं। वो अपने बच्चो के पढ़ाई के लिए काफी सक्रिय रहती हैं। बेटे ने ग्रेजुएशन कर ली हैं। तो बेटी ने IIT JEE क्वालिफाइ किया हैं।

source:- aajtak.in