ये बच्चा 5 साल की उम्र मे हो गया था किडनैप, 69 साल बाद मिला, फिर जो हुआ…

हैलो दोस्तो, बचपन में हमारे पेरेंट्स हमें सिखाते हैं कि कोई भी टॉफी चॉकलेट हमें दे तो ना लेना, और उसके साथ में गलती से भी मत जाना। पर यह सच है कि एक समय था जब बच्चों को अगवा करना यह एक शानदार तरीका था। एक समय था जब एक बच्चे को इसी तरह से किडनैपिंग की गई थी। उसे ढूंढने के लिए हर नुस्खे भी आजमाए गए। चलिए इसके बारे में हम आपको विस्तार से बताते हैं:-

यह घटना 8 जुलाई 1874 का है। जब एक बच्चा घर के बाहर बने गार्डन में खेल रहा था। एक टांगे पर सवार होकर दो अनजान आदमी वहां पर आए। वह दोनों आदमी आकर बच्चों से बात करने लगे। बात करते-करते हम दोनों ने बच्चों को टॉफियां भी खिलाई। उन दोनों आदमियों ने बच्चों से कहा कि साथ में चले और उन्हें बहुत सारे टॉफिया दिलवाएंगे। इन दो आदमियों ने 1 बच्चों से अकेले ही सारा सामान खरीद कर आने को कहा। जैसे ही बच्चा टांगा से होता है टांगा आगे बढ़ने लगा। इस घटना के बाद बच्चों के पेरेंट्स को फिरौती भरी चिट्ठिया मिलने लगी। किडनैपर $ 20 हजार डॉलर की मांग कर रहे थे। लेकिन बच्चे के पिता के आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।

सभी लोगों ने पुलिस को बताने की सलाह दी। जैसे ही बात पुलिस को पता चली बच्चे की किडनैपिंग की बात पूरे शहर में आने लगी। बात केंद्रीय तक पहुंच जाने की वजह से बड़े-बड़े फोर्स बच्चे को ढूंढने में लग गए। यह कैसे इतना पॉपुलर हो गया कि हर कोई $ 20 हजार डॉलर देकर बच्चे (चार्ली) को छुड़ाना चाहता था।

इसी बीच एक चमत्कार हुआ 13 दिसंबर 1874 में एक जज के घर पर लूटपाट करने की कोशिश की गई। आस-पड़ोस के लोगों ने उस चोर को पकड़ लिया। सभी लोगों ने इतना मारा कि चोर बुरी तरह से घायल हो गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि यही दोनों वह किडनैपर्स हैं जो बच्चे को किडनैप किया था। मारपीट के दौरान एक चोर की मौत हो गई थी, और उन्होंने ही बच्चों को खुफिया जगह पर छुपाए थे। थोड़ी ही देर में दूसरे चोर का भी हार्ट अटैक से मौत हो गई।

साल 1937 में बच्चे के पिता की मौत हो गई। तभी एक 69 साल का लकड़ियों का काम करने वाला आदमी बच्चे के घर पर पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि वही असली बच्चा यानी चार्ली है। यह आदमी ने ऐसी ऐसी बातें बताएं कि हर कोई मानने लगा कि यही किडनैप हो बच्चा है। कोट को भी यकीन हो गया कि यही चार्ली है।

कुछ दिन बाद वो व्यक्ति हॉलीवुड चला गया। यह सोच कर कि वह अपनी कहानी को बेचेगा। क्योंकि उसकी कहानी पर सभी को विश्वास हो गया था। लेकिन किसी ने भी इसकी कहानी नहीं खरीदी। 9 सालों तक अपनी कहानी को साबित करते-करते इसकी भी मौत हो गई।

मरने के बाद फैसला किया गया कि इसका फिर से DNA टेस्ट किया जाएगा। DNA टेस्ट में रिपोर्ट नेगेटिव आई। यानी कि जो बच्चा किडनैप किया था वह अच्छा यह नहीं था। यानी कि बच्चे का किडनैपिंग का रहस्य रहस्य बनकर ही रह गया।