जिस ब्लॉक मे पति सफाई कर्मचारी का काम करता था, वही पत्नी बनी प्रमुख !

दोस्तों ब्लॉक मे तो कई सारी सफाई कर्मचारी काम करते हैं। उन्ही मे से एक सुनील हैं जो बलियाखेड़ी के रहने वाले हैं। वही के ब्लॉक मे सफाई का काम करते हैं। उनकी पत्नी सोनिया सामान्य गृहिणी हैं। वह बीए फाइनल कर चुकी हैं। उनके पति ने सोनिया को बीडीसी का चुनाव लड़वा दिया और सोनिया भाजपा के तरफ से लड़ी थी,और वो यह चुनाव जीत गयी।

बीडीसी चुनाव जीतकर बनी ब्लॉक प्रमुख

सोनिया भाजपा से ब्लॉक प्रमुख का दायित्व संभाल चुकी हैं। सोनिया ने कभी सपने मे भी नहीं सोची थी की जिस ब्लॉक मे मेरे पति काम करते हैं, वही की मै प्रमुख बन जाएगी। वह नल्हेडा गुर्जर गाँव की रहने वाली हैं। गाँव वालो के कहने पर सुनील ने अपनी पत्नी को वार्ड 55 से चुनाव लड़ा दिया और जीत हासिल भी हो गयी।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव धोषित हुए तो बीडीसी की सीट आरक्षण के चलते अनुसूचित जाती वर्ग मे आरक्षित हो गई। उनके पति सुनील कई सालो से ब्लॉक मे सफाई कर्मचारी हैं। हमारा देश का लोकतंत्र के कतार मे अंतिम व्यक्ति को भी नेतृत्व का अवसर प्रदान किया जाता हैं।

सोनिया ने कहा की घर पति के तनख़्वाह से ही चलेगा

ब्लॉक प्रमुख सोनिया कहती हैं, की ब्लॉक प्रमुख तो मै बन गई हूँ लेकिन घर का खर्चा तो पति के पैसा से ही चलेगा। मै ब्लॉक प्रमुख के नाते वह गाँव के विकास के लिए काम करेगी। उनके पति ने भी निर्णय लिया हैं, की वह काम करते रहेगे। ब्लॉक प्रमुख का पद तो 5 साल का हैं, लेकिन नौकरी 60 साल की हैं। अभी सोनिया 26 साल की हैं।