जोक्स

मजेदार जोक्स : पत्नी पति से – क्या कल आप पड़ोसन के साथ फिल्म देखने गए थे, पति..

संता को एक लड़की ने कार से टक्कर मार दी.घायल होकर वह डॉक्टर के पास गया.मरहम-पट्टी करते हुए डॉक्टर बोला – “जब तुमने देख लिया था कि कार एक लड़की चला रही है तो तुम सड़क से दूर क्यों नहीं हो गए ?”संता एकदम झुंझला कर बोला – “अबे … कौन सी सड़क ? कैसी सड़क ? … मैं तो गार्डन में लेटा हुआ था … !”

एक सिपाही ने मौके से थानेदार को फ़ोन किया …
जनाब, यहाँ एक औरत ने अपने पति को गोली मार दी ।
थानेदार: क्यों ?
सिपाही: क्योंकि आदमी पोंछा मारे हुए फर्श पर चढ़ गया था।
थानेदार: गिरफ्तार कर लिया औरत को ?
सिपाही: नहीं अभी पोंछा नहीं सूखा है ।

सम्मान देने से सम्मान मिलता है…
उदहारण
पत्नी: रोज सुबह पति के पैर छूती है
और..
पति: रात को पत्नी की दोनों पैर अपने कंधे पे ले लेता है…..!!

एक बार जंगल में शेर की शादी हो रही थी। सभी जानवर शादी में इन्वाइटेड थे। सभी जाकर शेर को विश कर रहे थे, लेकिन स्टेज के नीचे खड़े रहकर दूर से ही।  थोड़ी देर बाद चूहा आया और स्टेज पर चढ़कर शेर से हाथ मिलाकर उसे विश करने लगा…
शेर दहाड़ते हुए चूहे से बोला: तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे स्टेज पर आकर विश करने की? सब मुझसे डरते हैं! यहां तक कि चीते ने भी मुझे स्टेज के नीचे खड़े रहकर ही विश किया। तुम स्टेज पर कैसे आ गए?? . . . .
चूहा: ओ बस कर यार, शादी से पहले मैं भी शेर ही था! मजेदार जोक्स – टीचर ने छात्रों से पुछा, टीचर: एक बात बताओ, तुम पढाई में ध्यान क्यों नहीं देते?

एक बार मोनू अपनी बीवी के साथ कहीं जा रहा था।रास्ते में उसे एक दोस्त मिला जिसे पुलिस ने पकड़ रखा था।
मोनू ने उससे पूछा:- “क्या हुआ?”
दोस्त:- मैंने अपनी बीवी को मार डाला।
मोनू:- सजा कितनी मिली?
दोस्त:- 6 हफ्ते ……… मोनू ने आव देखा ना ताव पुलिस की पिस्तौल छीनी और अपनी पत्नी को गोली मार दी।
फिर पुलिस से बोला:- “चलो मैं भी चलता हूं, 6 हफ्ते की तो बात है।’
दोस्त:- अबे पूरी बात तो सुन लेता “6 हफ्ते बाद मुझे फांसी है।’ ———–

घोंचू ने अपने बॉस से कहा- सर मुझे 2 दिन की छुट्टी चाहिए, क्योंकि अपनी बीवी के काम में हाथ बंटाना है..
बॉस- चुप रहो, तुम्हें कोई छुट्टी नहीं मिलेगी…
घोंचू- धन्यवाद सर मुझे पूरी उम्मीद थी कि इस मुसीबत में आप जरूर मेरे काम आओगे!

पति- शादी के समय सात कसमें खाई थीं, अब तोड़ रही हो।
पत्नी- तो क्या उस वक्त भीड़ में सारे रिश्तेदारों के सामने तुमसे बहस करती।