जोक्स

मजेदार जोक्स : एक बार पठान अपनी बेगम के साथ मेला देखने गया..

जोक्स नंबर 01: एक बार पठान अपनी बेगम के साथ मेला देखने गया। मेले में हवाई जहाज की सैर भी करवाते थे।पठान ने सोचा कि चलो हम भी हवाई जहाज की सैर कर लेते हैं लेकिन 200 रुपये की टिकट सुनकर पठान का मुंह लटक गया।यह देखकर चालक बोला, “आप हवाई जहाज में आधा घंटा सैर कर सकते हैं। इस दौरान अगर आप के मुंह से आवाज़ निकली तो मैं आप से टिकट के पैसे लूंगा, नहीं तो यह सैर आप के लिए मुफ्त।”पठान सुन कर खुश हो गया और मान गया।दोनों जहाज में बैठ गए और चालक ने अपने करतब दिखाने शुरू कर दिए।चक्कर बनाया, उल्टा घुमाया और कभी डाइव लगायी।आखिर में उसने जहाज नीचे उतारा।नीचे उतरने के बाद चालक बोला, “मान गए पठान साहब आपको, इस तरह के करतबों के साथ तो किसी की भी चीखें निकल जाती लेकिन आपने तो एक आवाज़ नहीं निकाली।”पठान ने अपने माथे से पसीना पोंछा और बोला, “अब आपको कैसे बताऊँ कि किस तरह मैंने अपने आप को रोका यहाँ तक कि बेगम के बाहर गिरने पर भी मैं नहीं बोला क्योंकि 200 रुपये का सवाल था।”

जोक्स नंबर 02: संता की परेशानी!एक दिन संता थका हारा डॉक्टर के पास आता है और डॉक्टर से कहता है, “डॉक्टर साहब मेरे पड़ोस में बहुत सारे कुत्ते है जो रात दिन भौंकते रहते हैं जिस कारण मैं एक घड़ी के लिए भी नहीं सो पाता।”डॉक्टर: इसमें कोई चिंता की बात नहीं है मैं तुम्हें कुछ नींद की गोलियां दे देता हूँ वे इतनी असरदार है कि तुम्हें पता ही नहीं चलेगा कि तुम्हारे पड़ोस में कोई कुत्ता है भी या नहीं। ये दवाइयाँ तुम ले जाओ और अपनी परेशानी दूर करो।कुछ हफ्ते बाद संता वापस डॉक्टर के पास आया और पहले से ज्यादा परेशान लग रहा था और डॉक्टर से कहने लगा: डॉक्टर साहब आपकी योजना ठीक नहीं थी अब तो मैं पहले से ज्यादा थक गया हूँ।डॉक्टर: मैं नहीं जानता कि ये कैसे हो गया पर जो दवाईयां दी थी वे नींद आने की सबसे बढ़िया गोलियां थी चलो फिर भी आज मैं तुम्हें उससे भी ज्यादा असरदार गोलियां देता हूँ।संता: क्या ये सचमुच असर करेंगी पर मैं सारी रात कुतों को पकड़ने में लगा रहता हूँ और मुश्किल से अगर एक-आध को पकड़ भी लूँ तो उसके मुहं में गोली डालना बहुत मुश्किल हो जाता है।

जोक्स नंबर 03: बगुले की टांग!एक बार एक शिकारी अपने नौकर के साथ शिकार पर गया। वहाँ उन्होंने पानी में एक जंगली बगुला देखा।नौकर एक दम से चिल्लाया, “मारिये साहब, वो एक टाँग वाला बगुला है, उड़ नहीं पायेगा।”शिकारी ने मुस्कुराते हुए हुश किया और बगुले ने अपनी दूसरी टाँग निकाली और उड़ने लगा।शिकारी ने तुरंत उसे गोली मार दी।जब नौकर ने शाम को बगुले को पकाया तो उसका मन हुआ कि उसका स्वाद चख लिया जाये।उसे इतना स्वादिष्ट लगा कि वो पूरी टाँग खा गया।खाने के वक़्त शिकारी ने देखा कि बगुले की एक टाँग गायब है।लेकिन खाने के समय मूड ना बिगड़े इसलिए शिकारी ने चुप-चाप खाना खा लिया।खाना खत्म करने के बाद शिकारी ने अपने नौकर से पूछा कि तुमने जो बगुला पकाया था, उसकी एक टाँग गायब थी।नौकर ने झट से उत्तर दिया, “नहीं साहब, अगर आप सुबह की तरह हुश करते तो वो अपनी दूसरी टाँग भी निकाल लेता!”

जोक्स नंबर 04: पत्नी से मंदिर के बाहर पति बोला, “तुम यहीं रुक जाओ मैं दर्शनकर के आ जाता हूं।”पत्नी: क्यों? मुझे भी दर्शन करना है मैं भी आऊंगी।पति: अरे वो तो ठीक है पर मंदिर का भी कोई नियम-कायदा है।पत्नी: अच्छा वो कौन सा कायदा है जो मेरे मंदिर जाने परपाबंदी लगाता है?पति: वो देखो सामने बोर्ड पे साफ-साफ लिखा हुआ हैकि विस्फोटक सामग्री को अन्दर ले जाना मना है

जोक्स नंबर 05: संता अमेरिका में था। एक बिल्डिंग में आग लग गई।संता फायर ब्रिगेड से: तुम लोगों को नीचे फेंको मैं उन्हें पकड़ लूंगा।पहले एक लड़का फेंका, फिर एक लड़की, फिर एक आदमी और फिर एक औरत, संता ने सब को पकड़ लिया।फिर एक हब्शी को फेंका तो संता ने उसे छोड़ दिया और चिल्ला कर बोला, “ओये कंजरो, जो पहले ही जल चुके हैं उन्हें तो मत फेंको!”

जोक्स नंबर 06: पठान रेल की पटरी पर लेटा हुआ था।उसके दोस्त ने पूछा, “क्या कर रहे हो? रेल गुज़री तो मर जाओगे।पठान: अभी ऊपर से जहाज़ गुज़रा कुछ नहीं हुआ, तो रेल क्या चीज़ है!

जोक्स नंबर 07: संता जंगल के रास्ते से गाँव जा रहा था . एक मोड़ पर उसे एक शेर दिखा जो बीच रास्ते में सो रहा था.संता के हाथ-पैर फूल गए. आसमान की ओर देखते हुए बुदबुदाया – “भगवान, अब तो मैं मरा … !”उस दिन भगवान जी भी कुछ मजाक के मूड में थे.ऊपर से आवाज़ आई – “एक पत्थर उठा और शेर के सिर पर मार दे !”संता ने वैसा ही किया. शेर गुर्राकर खड़ा हो गया.ऊपर से फिर आवाज़ आई – “बेटा … मरेगा तो तू अब… !”