जोक्स

मजेदार जोक्स : एक महिला को कहीं से अलादीन का जादुई चिराग मिल गया…

जोक्स नंबर 01: एक अजनबी ने एक घर का दरवाज़ा खटखटाया.घर का मालिक बाहर आया तो अजनबी ने कहा- “शायद आप मुझे पहचान नहीं पा रहे हैं … आज से 10 साल पहले आपने 10 रुपये देकर मेरी सहायता की थी. मैं आपके उस अहसान को आज तक नहीं भूला हूँ !”घर का मालिक बोला – “ओह … मैं तो सचमुच भूल गया था … क्या आप वो 10 रुपये वापस करने आये हैं ?”अजनबी – “जी नहीं, ऐसी कोई बात नहीं ! दरअसल मैं इधर से गुजर रहा था तो सोचा कि 10 रुपये और लेता चलूँ … !!!”

जोक्स नंबर 02: एक आदमी ने हॉस्टल के एक कमरे का दरवाज़ा खटखटाया. थोड़ी देर बाद एक लड़के ने दरवाज़ा खोला.आदमी बोला – “क्या मैं अंदर आ सकता हूँ ? मैं सन बयासी में इसी कॉलेज में पढ़ता था और इसी कमरे में रहता था.”लड़के ने उसे भीतर बुला लिया.आदमी सन बयासी को याद करता हुआ कहने लगा – “आह, वही पुराना कमरा, वही पुराना फर्नीचर, वही पुरानी अलमारी !”और कहते-कहते उस आदमी ने अलमारी का दरवाज़ा खोल दिया. लड़का उसे रोकता ही रह गया क्योंकि अलमारी के भीतर उसकी गर्लफ्रेंड छुपी हुई थी.अलमारी खुलने पर लड़की को सामने आना ही पड़ा. लड़का हडबड़ा कर बोला – “यह मेरी कजिन है !”ठण्डी सांस भरते हुए आदमी बोला – “आह, वही पुराना बहाना … !”

जोक्स नंबर 03: लखनऊ के नवाबों की नाज़ुक मिज़ाजी के किस्से दुनिया भर में मशहूर हैं. एक बार दो नवाब बाज़ार में मिले तो उनकी बातचीत कुछ यूँ हुई.पहला नवाब : “नवाब साहब के हालचाल कैसे है ?”दूसरा नवाब : “आपकी इनायत है …. यूँ ही ज़रा सा ज़ुकाम-बुखार हो गया था … ”पहला नवाब : “खुदा खैर करे …. ये गज़ब कैसे हुआ ?”दूसरा नवाब : “बस ज़रा मूली के पत्ते पर पाँव पड़ गया था … ”पहला नवाब : “हाय …. लोग भी कितने जाहिल होते हैं जो मूली के पत्ते जैसी खतरनाक चीज़ खुले में डाल देते हैं …. लानत है … मुझे तो सुनकर ही …. आ..आ …छीं …!”

जोक्स नंबर 04: संता – “कौन ज्यादा संतुष्ट होता है ? जिसके पास दस लाख रूपये हों या जिसके पास दस बच्चे हों ?”बंता – “जिसके पास दस बच्चे हों !”संता – “वो कैसे ?”बंता – “क्योंकि उसे और… की चाह नहीं होती …. !”

जोक्स नंबर 05: एक महिला को कहीं से अलादीन का जादुई चिराग मिल गया. उसने उसे रगड़ा तो एक जिन्न प्रकट हुआ और बोला – “बताओ तुम्हे क्या चाहिए ?”महिला ने कहा – “मैं चाहती हूँ कि तुम कुछ ऐसा करो जिससे कि मेरे पति सोते – जागते, खाते – पीते, घर में, ऑफिस में, ट्रेन में, प्लेन में … हर वक्त मुझे अपने साथ ही रखें … कभी अपने से जुदा न करें …. !”जिन्न ने एक मिनट सोचा …. फिर उस महिला को मोबाइल में परिवर्तित कर दिया … !!!

जोक्स नंबर 06: बेटा – “पापा, 10 रुपये देना गरीब को देना है …!”..पापा – “कहां है गरीब … ?”…बेटा – “बेचारा बाहर धूप में आइसक्रीम बेच रहा है … !”

जोक्स नंबर 07: पिता – बेटा, हमें रोज कम से कम एक नेक काम जरूर करना चाहिए … बताओ आज तुमने कौनसा नेक काम किया ?बेटा – मैंने एक आदमी को बस में चढ़ने में मदद की !पिता – शाबाश ! … मगर कैसे ?बेटा – बस चल पड़ी थी और वह आदमी बस के पीछे-पीछे भाग रहा था… तो मैंने उसके पीछे अपना कुत्ता छोड़ दिया, कुत्ते के डर से वह और तेज दौड़ा और बस में चढ़ गया !