अजब गजबफैक्ट

पिरामिड से मिला कुछ रहस्य दूसरी दुनियाँ से एलियन आए थे हमारी दुनियाँ मे

हैलो दोस्तो, आज आज हम आपको 5000 साल पुरानी इस स्ट्राच्चर के बारे मे बताएँगे, जिसे जानकर आपको बहुत दिलचस्प होने वाला हैं। दरअसल यह घटना आज से लगभग 150 साल पुरानी 1870 की हैं। जब गिजा के पिरामिड से गुजर रहे एक युवक ने वहाँ मौजूद एक रेगिस्तानी भेड़िये को देखा। उसने एक पत्थर उठाकर उस भेड़िये की तरफ फेक दिया। इसके बाद गिजा पिरामिड के कई सारे राज खिलने लगे। उस भेड़िये ने भागते हुए गिजा के पिरामिड मे बने एक छोटे से सुराग मे घुस गया। उस युवक ने भी पीछे-पीछे उस सुराग के अंदर घुस गया। उस जैसे ही अंदर गया एक दम से हैरान रह गया।

उसने उस सुराग के एक सीक्रेट चैंबर तक पहुँच गया। इस चैंबर के बारे मे दुनियाँ को कुछ भी नहीं पता था। फिर वह बाहर आकर न्यूज चैनल वाले को सारी घटना बताई। उसके कुछ ही दिन बाद बड़े-बड़े वैज्ञानिक उस गिजा पिरामिड के अंदर पहुँच गयी। वैज्ञानिको को पिरामिड के अंदर ग्रेफ़ाइट से बने बहुत बड़ा एक ताबूत मिला। वैज्ञानिको का कहना हैं कि सबसे पहले उस ताबूत को रखा गया होगा फिर उस चैंबर को बनाया गया होगा।

कुछ लोगो का तो यही भी कहाँ हैं कि आज से 1000 साल पहले दूसरी दुनियाँ से एलियन हमारी दुनियाँ मे आए थे और इस गिजा पिरामिड जैसे विशाल स्ट्रच्चर को बनाकर चले गए होंगे।

वैज्ञानिको को वहाँ से बहुत सारे हड्डियाँ और कंकाल मिले हैं, जो उस समय के मजदूरो के हैं। उन मे कई सारे कंकाल ऐसे थे जिसे चोट लगा हुआ था। कई कंकालो के ऊपर सर्जरी के भी निशान थे। जिससे यह पता चलता हैं, कि ये लोग किसी के गुलाम नहीं थे बल्कि ये लोग एक आम नागरिक थे जो अपने दम पर इतने बड़े पिरामिड को बना दिया। क्यूकी ये लोग अगर गुलाम होते हो इन्हे मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं मिलता।

कितने लोगो ने मिलकर इस मिरामिड को बनाया:- वैसे तो अगर देखा जाये तो आज टेक्नोलोजी की मदद से कई बड़े-बड़े इमारत बन रहे हैं। लेकिन आज से 5000 साल पहले तो कोई टेक्नोलोजी नहीं था। वैज्ञानिको का कहना हैं कि देश के कोने-कोने से बुलाकर लोगो से मदद ली गयी होगी। लगभग 1 लाख से ज्यादा मजदूरो के मदद की होगी।

बनाया क्यो गया:- दुनियाँ भर के इतिहासकारो का मानना हैं कि पिरामिड सिर्फ-और-सिर्फ मम्मी को दफनाने के लिए बनाया गया था। पर कई लोग इस बात को मानने से इंकार करे रहे थे, बाद मे पता चला कि पुराने लोगो का मानना था कि जब इंसान मर जाते हैं तो आसमान मे जाकर तारे का रूप ले लेते हैं। इनही सब वजह को देखते हुए गिजा मे 3 पिरामिड को निर्माण किया गया। हालांकि, इसका कोई पुख्ता सबूत अभी तक किसी को नहीं मिला हैं।

आगे-पीछे पिरामिड:- वैज्ञानिको के अनुसार पहले के लोग तारो मे विश्वास रखते थे, तारो को गैलेक्सी को देखते हुए पिरामिड को डिजाइन किया हैं। साल 1980 मे एक एक्सरे की मदद से शोध किया गया था, जिसमे यह पता चला कि पिरामिड के अंदर एक खास तरह का चैंबर हैं। दुनियाँ भर के वैज्ञानिको का कहना हैं कि जरूर इस चैंबर मे कुछ खास छिपा हैं, जिससे हम अंजान हैं।

रोबोटिक कैमरा:- इस चैंबर तक पहुँचने के लिए वैज्ञानिको ने एक छोटे से रोबोटिक कैमरे को तैयार किया और उस सुराग के जरीर उस चैंबर तक पहुंचा। लेकिन अफसोस उन्हे कुछ भी पता नहीं चला। 200 फिट अंदर जाने के बाद एक पत्थर का दरवाजा दिखाई पड़ा।

साल 2001 मे उन लोगो ने फिर से कोशिश की और उस सुराग तक पहुंचे। वहाँ तक पहुंकर दरवाजे मे एक छेड़ किया गया, और कैमरे को उस छेड़ मे घुसाया गया। अंदर मे यह पता चला कि लाल कलर से कुछ सीक्रेट कोड लिखे हुए थे। आने वाले कुछ समय बाद इसे फिर से देखा जाएगा।