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भारत की 10 सबसे खूबसूरत और खतर-नाक IAS/IPS ऑफिसर

ये हैं अपने देश के सबसे खूबसूरत और दबंग IAS ऑफिसर। आईएएस बनना बहुत लोगो का सपना है। उम्मीद है की आप भी अपना सपना पूरा करने के लिए जोड़दार मेहनत कर रहे होंगे। पिछले दिनो आईएएस टॉपर टीना का विरोध भी हुआ। और उनका सपोर्ट भी बहुत हुआ। और वो पढ़ाई मे भी अवल है और खूबसूरती में भी। अब जब बात आ ही गयी है खूबसूरती की तो आज हम आपको बताएँगे 10 ऐसे IAS ऑफिसर के बारे में जिसे देखकर आप भी कहेंगे क्या बात है। तो, चलिये शुरू करते हैं:-

मात्र 23 साल में आईएएस परीक्षा पास करने वाली आईएएस स्मिता सभरवाल कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया। स्मिता को ऑल इंडिया रैंकिंग में 4था स्थान मिला। इन्हे पहली नियुक्ति चितकौर जिले में बतौर सब-कलेक्टर के रूप में मिला था। आंध्रप्रदेश के कई जिले में इनहोने कई दशक तक काम करने के बाद कारीमनगर जिले का डीएम बनाया गया।

2012 में पहले प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाली मेरीन जोसफ ने दिल्ली के जाने-माने सैंट डिफेंस कॉलेज से बैचलर डिग्री ली है। सिविल सेवा परीक्षा को पास करने के बाद इनहोने पुलिस सेवा जॉइन की। जो अपने बैच की सबसे युवा आईएएस ऑफिसर है। साल 2015 में उन्होने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित यूथ सबमिटमेंत प्रतियोगिता का नेतृत्व भी किया है।

इस साल 2016 के यूपीएससी एक्जाम दिल्ली के 22 साल की लड़की टीना डाबी ने पहले ही बार मे टॉप 10 मे टॉप किया। टीना वैसे तो भोपाल मे पली-बड़ी। पर वो जब 7वीं मे थी तब पूरा परिवार दिल्ली मे सिफ्ट हो गया। गोवर्नमेंट ऑफ जिज्स एंड मैरी से अपनी स्कूलिंग पूरी की, और उसके बाद 2011 मे दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से एडमिशन लिया और पोलिटिकल साइन्स से बीए किया।

यूपी के बुलंद शहर के डीएम चंद्रकला का जन्म 27 सितंबर 1979 को आंध्रप्रदेश मे हुआ। 2008 बैच की आईएएस ऑफिसर चंद्रकला को सिविल एक्जाम मे 409वीं रैंक मिली थी। यह ट्रैवल फ़ैमिली से बिलोंग करती हैं। इनहोने हैदराबाद के कोटी वोमन्स कॉलेज से बीए किया।

असम की पहली महिला आईपीएस ऑफिसर संजुक्ता 2006 बैच की आईएएस ऑफिसर हैं। इनहोने अपना ग्रेजुएशन दिल्ली के इंद्रप्रस्त से पोलिटिकल साइन्स से पूरी की। संजुक्ता एक बच्चो की माँ भी हैं। संजुक्ता की पहली पोस्टिंग 2008 मे असिस्टेंट कमांडर के तौर पर हुई। कुछ समय बाद उन्हे उदालगृह मे हुई बोडो और बंगलादेश के बीच की जातीय हिं’सा को काबू करने के लिए भेज दिया गया।

रिजु बाफना 2013 मे 77वीं रैंक हासिल करके आईएएस बनी। उनके पति भी आईएएस ऑफिसर हैं। बीते साल ह्यूमन राइ’ट्स के एक अफसर के खिलाफ शिका’यत दर्ज कराने के बाद वे सुर्ख़ियो मे आई।

जोधपुर की रहने वाली स्तुति को 2012 मे सिविल सर्विस एक्जाम मे थर्ड रैंक हासिल हुआ। उनके इस कामयाबी मे परिवार का बड़ा हाथ रहा। स्तुति ने जोधपुर से ही बीएससी और दिल्ली के आईआईपीएम मार्केटिंग और मेनेजमेंट की पढ़ाई की हैं। सिविल सर्विस एक्जाम से पहले वो बैंक पीओ एक्जाम पास कर यूको बैंक मे सर्विस कर रही थी।

केरल की रहने वाली रौशन का जन्म 25 दिसंबर 1978 को हुआ। उन्होने साल 2004 मे यूपीएससी एक्जाम को क्लियर किया। वो अभी वर्तमान मे उत्तरप्रदेश के गौर्णा जिले की डीएम हैं।

महाराष्ट्र की सीनियर ऑफिसर मीरा चड्डा बोर्वंकर 1981 से ही आईपीएस अधिकारी हैं। वो अगले साल रिटायर्ड होंगी। वर्तमान मे मीरा पुलिस शोध व विकास ब्यूरो की निर्देशक हैं। इससे पहले वो महाराष्ट्र की पहली महिला पुलिस अधिकारी बनकर बोर्वंकर ने इतिहास रचा था।

कंचन चौधरी भट्टाचार्य देश की पहली ऐसी महिला आईएएस ऑफिसर हैं, जिनहे किसी राज्य का पुलिस महानिर्देशक बनाया गया हो। 1973 बैच की आईपीएस अधिकारी कंचन चौधरी ने इस लिहाज से इतिहास बनाया हैं। उनके हसबेंड मुंबई के एक इंटरनेशनल कंपनी मे बिजनेस डेव्लपमेंट का काम करते हैं।