अजब गजब : आखिर जानवर लोग आत्म’ह’त्या क्यों करते हैं?

हैलो दोस्तो, क्या आप जानते हैं कि जानवर आत्मह-त्या क्यों करते हैं? क्या कोई जानवर आत्मह-त्या कर सकता है? यह सवाल सुनने में भले ही आपको अजीब लग रहा लेकिन दुनिया में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी है। कई बार कुत्ता नदी में छलांग लगा चुका है और जब तक तब तक कि उसकी मौत नहीं हो जाती।

स्विजरलैंड की पहाड़ियों में एक ऐसी जगह मौजूद है जहां पर एक के बाद एक गाय छलांग लगाकर अपनी जान दे देती है। दोस्तों इंसान हो या जानवर अपने ही हाथों अपनी मौ”त को गले लगाता है तो उसे आत्मह-त्या कहते हैं। जब कोई आत्मह-त्या जैसा कदम उठाता है तो अपने पीछे एक सुसा-इड नोट छोड़कर जाता है।

जानवरों द्वारा उठाया गया आत्मह”त्या जैसा कदम बड़ा ही रहस्यमई बन जाता है। आज के एपिसोड में हम आपको ऐसे हैं कुछ घटना के बारे में बताने वाले हैं।

साल 1845, ब्रिटेन: लंदन के अखबार में छपी की एक काले रंग का कुत्ता पानी में छलांग लगाकर अपनी जान दे देता है। लोग जैसे हैं इस खबर को पढ़ा लोगों को लगा कि शायद को था गलती से पानी में गिर गया होगा।

लेकिन काले रंग का कुत्ता पानी में सबको देता है तो अपने आप को बचाने के लिए जरा सा भी हाथ, पाव नहीं मारता है। आसपास के लोग जब कुत्ते को डूबते हुए देखते हैं तो कुत्ते को निकाल कर बाहर ले आते हैं। लेकिन कुछ देर बाद वह कुत्ता दौड़ता हुआ फिर से पानी में कूद जाता है। ऐसा ही एक बार नहीं बल्कि लगातार तीन बार होता है। फिर चौथी बार में उस कुत्ते की मौ”त हो जाती है।

जिन लोगों ने भी इस घटना को देखा था वह बुरी तरह से डर गया था। क्योंकि उन लोगों ने ऐसी डरावनी घटना पहले कभी नहीं देखी थी। जब एक कुत्ता आत्मह”त्या के तौर पर बार-बार जान देने की कोशिश करता है।

स्कॉटलैंड की घटना: स्कॉटलैंड में एक ऐसी जगह है जहां कुत्तों को सु”साइड प्वाइंट कहा जाता है। यह एक ऐसी जगह है जहां पर ना जाने क्यों जो भी कुत्ता यहां से गुजरता है वह कूदकर जान दे देता है। परिस्थिति इतना गंभीर हो चुकी है कि लोग अब इस जगह से गुजारना बंद कर चुके हैं।

लगातार ऐसी घटना होने के बाद कुछ जानकार लोग बताते हैं कि यहां पर भूत प्रेत का साया है। ऐसा माना जाता है कि कुत्ते जो होते हैं वह नेगेटिव एनर्जी को महसूस कर लेते हैं। वह भूत प्रेत जैसी चीज़ों को महसूस कर सकते हैं। शायद उन्हें भूत-प्रेतों की वजह से ऐसा होता है कि कुत्ते बार-बार यहां आत्मह-त्या करते हैं।

तरह तरह के शोध होने के बाद भी इसका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है। कि आखिर कुत्तों को उस ब्रिज के ऊपर क्या नजर आता है कि वह वहां जाते हैं आत्मह-त्या कर लेते हैं।

स्विट्जरलैंड की घटना: स्विट्जरलैंड में कैसे घटना घटी जहां पर उस घाटी में रहने वाले हर एक इंसान की नींद उड़ा दी। वहां पर एक चरवाहे के पास लगभग 1500 चारवाहा मौजूद था। उस पहाड़ी से कूदकर सभी भेड़े आत्मह-त्या कर लेती हैं।

पहाड़ी की ऊंचाई से कूदने की वजह से सभी भेड़े की मौत हो गई। वहां पर मौजूद लोगों की यह समझ में नहीं आ रही थी कि आखिर मेरे पहाड़ी से कूदकर जान क्यों दे दी।

कुछ जानकार लोगों का कहना है कि वह एक ऐसा जानवर है जो आगे चलने वाले भेड़ को फॉलो करता है। आगे वाला भेज जिधर भी जाएगा पीछे वाला पेड़ भी उसी को आंख मूंदकर फॉलो करता है। किसी ने भी भेड़ के मौत का सही कारण नहीं बता पाया।

साल 2009, तस्मानिया: यहां के समुद्री इलाके में कई सारी व्हेल मछलियां मरी हुई मिली। 200 की संख्या में समुद्री मछली व्हेल किला समुद्र में मिली। किसी को भी बात समझ में नहीं आ रही थी कि आखिर इतनी भारी संख्या में व्हेल मछली की मौत कैसे हुई?

दुनिया भर के जीव वैज्ञानिक अभी तक पता नहीं लगा पाए कि यह घटना हुई कैसे। किसी ने बताया कि क्लाइमेट चेंज के कारण शायद यह घटना हुई होगी। लेकिन फिर वैज्ञानिकों का कहना था कि सिर्फ और सिर्फ इस वेल मछली ही क्यों मरे वहां पर और भी तो मछली थी उनकी जान का खतरा क्यों ना हुआ? यही कारण है कि बहुत सारे लोग व्हेल मछली के सामूहिक मौत को आत्मह-त्या से जोड़ कर देखने लगे।

स्विट्जरलैंड की पहाड़ी की घटना: यह घटना लगभग आज से 4 साल पहले की है। जब इस पहाड़ी से लगभग 28 गाय पहाड़ी से कूदकर आत्मह”त्या कर लेती है। इस गाने के बारे में जो भी सुनता है उसे लगता है कि शायद उनका पैर फिसलने के कारण उनकी मौत हुई होगी।

लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि वह सभी 28 गाय एक साथ नहीं गिरे थे। बल्कि बारी-बारी जाकर उस पहाड़ी से छलांग लगा लेते थे। उससे भी बड़ी बात यह है कि सभी गाय एक ही जगह से छलांग लगाते थे। उस गाय के मालिकों से बचाने के लिए बहुत कोशिश करते थे। लेकिन एक एक दिन कर के लगभग 28 गायों ने आत्मह”त्या उस पहाड़ी से कर ली।